सारंगढ़-बिलाईगढ़। वन्यजीव संरक्षण का एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां गांव भूलूमुड़ा में एक दुर्लभ पेंगोलीन जाल में फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, किसान सिंधु साहू के मूंगफली खेत में लगाए गए जाली में अचानक एक पेंगोलीन फंस गया। खेत में काम कर रहे ग्रामीणों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने धैर्य और अनुभव का परिचय देते हुए जाल में फंसे पेंगोलीन को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस दौरान उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई।
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने पेंगोलीन को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया, जिससे वह फिर से जंगल में स्वतंत्र रूप से जीवन जी सके।
पेंगोलीन: दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव
गौरतलब है कि पेंगोलीन दुनिया के सबसे दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों में शामिल है। इसकी तस्करी और शिकार पर कड़े कानूनी प्रावधान हैं। ऐसे में वन विभाग की यह कार्रवाई न केवल सराहनीय है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि वन्यजीवों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
रेस्क्यू टीम की सराहनीय भूमिका
इस अभियान में रेंजर हीरालाल सरजाल, डिप्टी रेंजर हीरालाल नायक, वनरक्षक हीरालाल चौधरी, वनपाल बलभद्र मैत्री, देवनाथ ध्रुव और गिरधारी सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी तत्परता और समर्पण से एक बेजुबान जीव की जान बचाई जा सकी।