
पलारी (बलौदाबाजार)। पलारी विकासखंड की ग्राम पंचायत दतरेंगी में अवैध रेत खनन खुलेआम जारी है। हालात यह हैं कि कानून और नियमों को ताक पर रखकर दिनदहाड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जबकि माइनिंग विभाग और प्रशासन पूरी तरह मौन दिखाई दे रहा है। 22 जनवरी दोपहर करीब 2 बजे मौके पर देखा गया कि बिना किसी अनुमति, बिना टेंडर और बिना रॉयल्टी के प्रतिदिन 200 से 300 ट्रिप रेत निकाली जा रही है।
इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब ग्राम पंचायत के सरपंच से रेत खनन को लेकर सवाल किया गया। सरपंच ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि ग्राम पंचायत द्वारा रेत खनन के लिए न तो कोई टेंडर जारी किया गया है और न ही किसी प्रकार की रॉयल्टी ली जा रही है। इसके बावजूद रेत का उठाव जारी है। सरपंच के अनुसार केवल औपचारिकता के तौर पर गांव के मजदूरों से ₹100 की राशि पंचायत में जमा कराई जा रही है, जबकि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत पर ₹700 से ₹800 तक की वसूली की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रोज़ाना सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव से निकल रही हैं और माइनिंग विभाग, राजस्व विभाग व पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं। अवैध रेत खनन से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है और साथ ही नदी-नालों व पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है या फिर दतरेंगी में रेत माफिया का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।