कसडोल विकासखण्ड में प्राथमिक शालाओं के लिए नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित आमुखीकरण कार्यशाला का द्वितीय बैच संपन्न

SARJU PRASAD SAHU

January 12, 2026

कसडोल। 11 जनवरी 2026 कसडोल विकासखण्ड में प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों के लिए नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित पांच दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का द्वितीय बैच 5 से 9 जनवरी 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस द्वितीय बैच में कसडोल, कोटियाडीह एवं सोनाखान जोन के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की।

कार्यशाला में 9 बीआरजी, 1 डीआरजी तथा अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के 4 सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह आमुखीकरण नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एनसीएफ-एफएस 2022 के आधार पर विकसित नवीन पाठ्यपुस्तकों पर केंद्रित रहा, जिसका उद्देश्य एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) के लक्ष्यों की प्राप्ति है।

प्रशिक्षण के दौरान फोर ब्लॉक मॉडल के माध्यम से शिक्षण को रोचक, प्रभावी एवं बाल-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाने पर फोकस किया गया। शिक्षकों ने हिन्दी वीणा, आनंदमय गणित, गणित मेला, अंग्रेजी संतूर, हमारा अद्भुत संसार, खेल, योग एवं कला आधारित गतिविधियों पर समूह कार्य के माध्यम से अभ्यास किया।

कार्यशाला में डीआरजी योगेश्वर साहू सहित बीआरजी शिक्षक संतोष कैवर्त्य, ईश्वरी प्रसाद चौहान, विजय कश्यप, महादेव जायसवाल, तुलसी साहू, चंद्रशेखर बसोड, शांति कुमार साहू, नरेन्द्र देवांगन एवं श्री लाल कोसले सक्रिय रूप से जुड़े रहे। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से चंद्रशेखर, अंकिता, झरना एवं नरेन्द्र ने सहयोग प्रदान किया।

कसडोल जोन में मुस्कान पुस्तकालय पर आधारित रीडिंग कॉर्नर (पढ़ने का कोना) की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि विकसित करना तथा उनकी कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों के कार्यों की सराहना करते हुए इसे नवीन पाठ्यपुस्तक के उद्देश्यों के अनुरूप बताया।

समापन कार्यक्रम में खण्ड शिक्षा अधिकारी अरविन्द ध्रुव एवं खण्ड स्रोत समन्वयक नीलमणि साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से शैक्षणिक गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने विद्यालयों की दीवारों को बच्चों द्वारा लिखी गई शैक्षणिक सामग्री से सजाकर शिक्षण को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।

बीआरजी शिक्षकों ने नवीन पाठ्यपुस्तकों में हुए बदलावों की बारीक जानकारी शिक्षकों को दी। तीनों जोन के शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को आत्मविश्वासी बनाने के साथ-साथ सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय बनाती हैं।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यशाला खण्ड स्रोत कार्यालय कसडोल द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर तथा एससीईआरटी रायपुर के निर्देशन में आयोजित की जा रही है। प्रथम एवं द्वितीय चरण के पूर्ण होने के पश्चात शेष शिक्षकों को तृतीय एवं अंतिम चरण में शामिल कर विकासखण्ड के सभी शिक्षकों का शत-प्रतिशत आमुखीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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