
रिपोर्टर टेकराम कोसले
बलौदाबाजार, 31 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जैव विविधता से समृद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ प्रजाति “ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर” का अवलोकन दर्ज किया गया है। यह बारनवापारा से इस प्रजाति का पहला प्रमाणित रिकॉर्ड तथा पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा पुष्ट रिकॉर्ड माना जा रहा है।
🧭 29 दिसंबर को हुआ ऐतिहासिक अवलोकन
दिनांक 29 दिसंबर 2025 की सुबह प्रसिद्ध बर्डर एवं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में इस दुर्लभ पक्षी को देखा गया। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत दस्तावेजीकृत किया, जिससे इस खोज की वैज्ञानिक पुष्टि संभव हो सकी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी विविधता अनुसंधान, संरक्षण नीति निर्माण तथा अभयारण्य प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
🌿 आंतरिक क्षेत्र में दुर्लभ तटीय पक्षी की उपस्थिति बनी चर्चा का विषय
ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर सामान्यतः तटीय क्षेत्रों एवं मैंग्रोव वनस्पति वाले आवासों से जुड़ी एक अत्यंत दुर्लभ प्रजाति है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के आंतरिक भू-भाग में स्थित बारनवापारा अभयारण्य में इसका पाया जाना यहाँ की समृद्ध पारिस्थितिक प्रणाली, जल-आधारित आवासों की उपलब्धता तथा अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
🏞️ छत्तीसगढ़ में दूसरा पुष्ट रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2024 में इस प्रजाति को कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान में क्रोकोडाइल सर्वे के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जिसे छत्तीसगढ़ का पहला पुष्ट अवलोकन माना गया था। बारनवापारा में हुआ यह नया रिकॉर्ड राज्य की वन्यजीव संपदा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
🔬 संरक्षण प्रयासों को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से अभयारण्य में जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, आवास प्रबंधन और जैव विविधता निगरानी कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। साथ ही यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पक्षी अध्ययन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करेगी।