बलौदाबाजार । 31 जनवरी 2026 कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के तहत सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य किया गया है। अधिनियम की धारा-4 के अनुसार गठित समिति को शी-बॉक्स पोर्टल में ऑनबोर्ड करना भी आवश्यक है।
यदि कोई शासकीय या निजी संस्था आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर शी-बॉक्स पोर्टल में ऑनबोर्ड नहीं करती है, तो अधिनियम की धारा-26 के अंतर्गत 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
शासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 19 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं समन्वय बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान भाटापारा के विशाल मेगा मार्ट, सुमीत बाजार, ट्रेड्स, आशीष कलेक्शन सहित औद्योगिक संस्थानों के मालिकों एवं एसोसिएशन सदस्यों के साथ बैठकें की गईं। वहीं विकासखंड पलारी के शुभम के मार्ट, बलौदाबाजार के हाट बाजारों तथा जिला पंचायत संसाधन केंद्र में सरपंचों को भी अधिनियम की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त लगभग 497 निजी संस्थाओं को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जोड़ा गया, जहां उन्हें अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए आंतरिक शिकायत समिति के गठन एवं शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग के लिए प्रेरित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अब तक जिले में 242 शासकीय कार्यालयों तथा 248 निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों का गठन किया जा चुका है। ऐसे मामलों में, जहां शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध हो अथवा अपील की आवश्यकता हो, उनके निराकरण हेतु जिले में स्थानीय शिकायत समिति (LCC) भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
प्रशासन ने सभी संस्थानों से अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित की जा सके।