बलौदाबाजार, 18 दिसम्बर 2025/ वनमण्डलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार एवं अधीक्षक बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य श्री कृषानू चन्द्राकार के नेतृत्व में अभयारण्य परिसर में सफारी गाइडों के लिए स्टोरी टेलिंग (कहानी कहने की कला) विषय पर 16 एवं 17 दिसम्बर 2025 को दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटकों के सफारी अनुभव को अधिक रोचक, ज्ञानवर्धक एवं यादगार बनाना रहा।
कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री संजय कुमार पयासी ने गाइडों को प्रभावी संवाद कौशल, कहानी कहने की तकनीक, पर्यटकों से आत्मीय एवं प्रभावशाली संवाद स्थापित करने के तरीके तथा सफारी के दौरान वन्यजीवों के व्यवहार, पारिस्थितिकी और जैव विविधता को रोचक कथाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने के व्यावहारिक गुर सिखाए। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संदेशों को सरल और प्रभावी भाषा में पर्यटकों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में बारनवापारा अभयारण्य के अनुभवी एवं नव-नियुक्त सफारी गाइडों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी गाइडों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उनकी प्रस्तुति क्षमता, आत्मविश्वास और पर्यटकों से संवाद की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे सफारी अनुभव अधिक समृद्ध बनेगा।
इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी श्री धम्मशील ने कहा कि ऐसे क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण सफारी गाइडों को अधिक दक्ष बनाते हैं और पर्यटकों को अभयारण्य की जैव विविधता, संरक्षण प्रयासों एवं प्राकृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी बारनवापारा श्री गोपाल प्रसाद वर्मा, प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल सुश्री कविता ठाकुर, सुगम निषाद सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।
इस पहल से न केवल इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक जन-जागरूकता भी सुदृढ़ होगी।