बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) भर्ती 2025 को लेकर चल रहे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह रोक उन अभ्यर्थियों के संदर्भ में लगाई गई है, जिनकी पात्रता संदिग्ध पीजीडीआरडी (PGDRD) डिग्री के आधार पर निर्धारित की गई थी।
मामला पंचायत विभाग द्वारा 2 अप्रैल 2025 को जारी भर्ती विज्ञापन से जुड़ा है। 15 जून 2025 को परीक्षा आयोजित हुई और 14 अगस्त 2025 को परिणाम घोषित किए गए। भर्ती नियमों के अनुसार ग्रामीण विकास (Rural Development) में पीजीडीआरडी डिग्री धारकों को 15 अंकों का बोनस प्रदान किया जाना था।
आरोप है कि इस बोनस अंक के प्रावधान का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से उक्त डिग्री प्राप्त की। बाद में जारी संशोधित मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों को पात्र घोषित किए जाने पर विवाद गहरा गया।
इस संबंध में प्रभावित अभ्यर्थियों ने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया यह पाया कि कुछ निजी विश्वविद्यालयों द्वारा संबंधित पाठ्यक्रम संचालन को लेकर वैधानिक स्वीकृति (Ordinance) संबंधी प्रश्न उठ रहे हैं।
माननीय न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक संबंधित विवादित डिग्री के आधार पर किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी न किया जाए।
