
बलौदाबाजार । 29 दिसम्बर 2025: प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय ने रविवार को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य का सघन दौरा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अभयारण्य में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और वन्यजीव प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना था।
प्रमुख निरीक्षण एवं निर्देश
निरीक्षण के दौरान पीसीसीएफ ने पर्यटक ग्राम, रामपुर चारागाह और खैरछापर स्थित वनभैंसा बाड़ा का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए:
ग्राम विस्थापन में तेजी: जिन गांवों का DGPS सर्वे पूर्ण हो चुका है, उनके विस्थापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। संरक्षण ढांचा वन्यजीवों की सुरक्षा और आवास प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।प र्यटन विकास: पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
कर्मचारी सशक्तिकरण और संसाधन वितरण
बारनवापारा स्थित कंपोजिट कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मैदानी अमले का उत्साहवर्धन किया गया गणवेश वितरण: दैनिक श्रमिकों और बैरियर चौकीदारों को नई गणवेश किट प्रदान की गई।
बाइनाकूलर वितरण: सफारी गाइडों को उच्च गुणवत्ता वाले बाइनाकूलर (दूरबीन) दिए गए, ताकि वे पर्यटकों को वन्यजीवों की सटीक पहचान और जानकारी दे सकें।
“बारनवापारा अभयारण्य जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां संरक्षण, ग्राम विस्थापन और पर्यटन प्रबंधन के बीच संतुलन बनाना हमारी प्राथमिकता है।” — श्री अरुण कुमार पाण्डेय, PCCF (Wild Life)
उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील, अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक सुश्री श्वेता सिंह, गुलशन साहू, प्रखर नायक और परिक्षेत्र अधिकारी गोपाल वर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ मौजूद रहा।