बदहाल सड़क को लेकर फूटा आक्रोश: विधायक कविता प्राण लहरे के नेतृत्व में चक्काजाम, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
बिरेन्द्र कुमार सेन MASB न्यूज रिपोर्टर
गिधौरी:-बलौदाबाजार जिले के गिधौरी क्षेत्र में सड़कों की जर्जर हालत अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा सुध न लिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने आज मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्रीय विधायक कविता प्राण लहरे ने खुद सड़क पर बैठकर सरकार की नीतियों और निष्क्रियता के खिलाफ मोर्चा खोला।
धूल और गड्डों से बेहाल है जनता-प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गिधौरी और आसपास की सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। भारी वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और शासन को कई बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
विधायक कविता प्राण लहरे ने साधा सरकार पर निशाना-चक्काजाम में शामिल हुईं विधायक कविता प्राण लहरे ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब से नई सरकार आई है, विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
”जनता धूल फांकने को मजबूर है और सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई है। गिधौरी की यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसकी मरम्मत न कराना क्षेत्र की जनता के साथ सौतेला व्यवहार है। जब तक सड़क निर्माण का ठोस काम शुरू नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” – कविता प्राण लहरे, विधायक
यातायात रहा घंटों बाधित-चक्काजाम के कारण गिधौरी मार्ग पर ट्रकों और बसों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि बिना आंदोलन के बहरी सरकार तक आवाज पहुँचाना मुमकिन नहीं है। मौके पर पहुँचे पुलिस प्रशासन और तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और काम शुरू होने की समय-सीमा पर अड़े रहे।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद खुला जाम-काफी देर तक चले हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने जल्द से जल्द सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने का लिखित भरोसा दिलाया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर काम शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की होगी