खाकी को खुली चुनौती पत्रकार बेटा भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, दबंग महिलाओं ने पूरे परिवार को जिंदा जलाने की धमकी, थाने में शिकायत दर्ज

SARJU PRASAD SAHU

January 31, 2026

जांजगीर-चांपा।  छत्तीसगढ़ के चांपा शहर से अंधविश्वास, दबंगई और खुलेआम कानून को चुनौती देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 26, छुहिया तालाब क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को न केवल सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि पूरे परिवार को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने और भारी वाहन से कुचलवाने की धमकी दी गई है। पीड़िता ने मामले की लिखित शिकायत चांपा थाना में दर्ज कराई है।

नल पर पानी भरने के विवाद ने लिया भयावह रूप

 

 

 

 

 

 

 

पीड़िता के अनुसार 29 जनवरी की शाम वह अपनी बहू के साथ सार्वजनिक नल पर पानी भरने गई थी। इसी दौरान मोहल्ले की दो महिलाओं ने बेवजह गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों महिलाओं ने पीड़िता के बर्तन फेंक दिए और उन्हें “जादू-टोना करने वाली” बताकर अपमानित किया। देखते ही देखते मामूली विवाद ने गंभीर और खतरनाक मोड़ ले लिया।

“घर पेट्रोल डालकर जला देंगे” — खुलेआम धमकी

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि उनकी “ऊपर तक पहुंच” है और आपराधिक तत्वों से उनके संबंध हैं। इतना ही नहीं, धमकी देते हुए यह भी कहा गया—

“तुम्हारा बेटा पत्रकार है तो क्या हुआ, वह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पूरे परिवार को भारी वाहन से कुचलवा देंगे और घर में पेट्रोल-मिट्टी तेल डालकर आग लगा देंगे।”

दहशत में पूरा परिवार, सुरक्षा की मांग

घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार भय और मानसिक तनाव में है। पीड़िता ने थाना प्रभारी को सौंपे आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उनके या परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं आरोपियों की होगी। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

अंधविश्वास पर कानून का शिकंजा जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी महिला पर “जादू-टोना” या “टौनी” जैसे आरोप लगाकर प्रताड़ित करना न केवल सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई ही समाज में डर और अंधविश्वास पर रोक लगा सकती है।

अब सबकी नजरें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या कानून को खुली चुनौती देने वाले इन दबंग तत्वों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे या नहीं।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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