
रिपोर्टर टेकराम कोसले
Masb news
टुन्डरा (बलौदाबाजार-भाटापारा)।
नगर पंचायत एवं तहसील टुन्डरा में स्थित न्यू ऑक्सफोर्ड इंग्लिश स्कूल द्वारा विद्यार्थियों में विज्ञान एवं कला के प्रति समझ, रचनात्मकता और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साइंस एवं आर्ट एग्जिबिशन का सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में स्कूल के बच्चों ने विज्ञान और कला से जुड़े अत्यंत इनोवेटिव और क्रिएटिव मॉडल प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
एग्जिबिशन के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल अपने मॉडल प्रदर्शित किए, बल्कि उन्हें देखने पहुंचे पालकों एवं नागरिकों को बड़े ही सरल और प्रभावशाली तरीके से उनके उपयोग और महत्व के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने अपने मॉडल के माध्यम से बताया कि रायपुर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट में कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं होनी चाहिए, अस्पतालों में बच्चों और आम नागरिकों के लिए कौन सी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं, साथ ही शहरी और ग्रामीण जीवन के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है।
प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा मोटर के उपयोग से ऑटोमेटिक एवं सस्ती मशीनों, वेस्टेज वस्तुओं को उपयोगी सामग्री में बदलने, प्रदूषण मुक्त वातावरण के उपाय, तथा भविष्य में विज्ञान और कला कौशल के माध्यम से जीवन को कैसे अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है, जैसे विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। इन मॉडलों ने यह संदेश दिया कि यदि अभी से सही कदम उठाए जाएं, तो आने वाला भविष्य अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल हो सकता है।
इस आयोजन में नगर पंचायत टुन्डरा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पालक और नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के अवसर पर ऑक्सफोर्ड स्कूल ग्रुप कसडोल, शिवरीनारायण एवं टुन्डरा के डायरेक्टर श्री राज प्रधान जी के शिक्षा क्षेत्र में योगदान की भी सराहना की गई। उल्लेखनीय है कि श्री प्रधान जी वर्ष 2007 से शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेजी शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, म्यूजिक, टेक्नोलॉजी, विज्ञान एवं आधुनिक इनोवेटिव एजुकेशन के माध्यम से बच्चों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाने का कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों से अब तक क्षेत्र के हजारों बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह की साइंस एवं आर्ट एग्जिबिशन बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक विकास में अत्यंत सहायक होती हैं और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास के साथ-साथ नवाचार की सोच विकसित करती हैं।