करतला (कोरबा)।
करतला जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के प्रति जनप्रतिनिधियों और पंचायत अमले की उदासीनता लगातार सामने आ रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत मोहरा का मामला गंभीर रूप से चर्चा में है, जहां वर्षों से पंचायत भवन अधूरा पड़ा हुआ है और सरपंच-सचिव के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन का निर्माण कई वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था, लेकिन आज तक यह पूर्ण नहीं हो सका। नतीजतन पंचायत के कार्य अस्थायी और अव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे हैं। पंचायत सचिव की उपस्थिति भी अनियमित बताई जा रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बंद पड़ी पानी टंकी, ग्रामीणों को नहीं मिला लाभ
ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित पानी टंकी भी आज तक चालू नहीं हो सकी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्माण के बाद रख-रखाव और संचालन पर ध्यान नहीं दिए जाने से यह टंकी अब खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। गर्मी के मौसम में तालाब सूख जाने के कारण ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता है।
अधूरा स्कूल भवन, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
ग्राम पंचायत मोहरा के आश्रित ग्राम भांठापारा में प्राथमिक शाला का भवन भी कई वर्षों से अधूरा है। भवन निर्माण पूर्ण न होने से बच्चों को असुविधाजनक परिस्थितियों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन बाद में इसे पूरा कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि अधूरे कार्यों के लिए जिम्मेदार पूर्व सरपंच और सचिव के विरुद्ध आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, संबंधित विभागीय अधिकारी भी निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
इस संबंध में पंचायत सचिव से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।