कोरबा। जिले की जिला पंचायत सभापति और वन समिति की प्रभारी सावित्री अजय कँवर ने इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (ICDS) परियोजना के अंतर्गत बरपाली और करतला क्षेत्रों में व्याप्त प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को एक विस्तृत शिकायत सौंपी है। उन्होंने इन खामियों को उजागर करते हुए तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रमुख शिकायत बिंदु: क्यों प्रभावित हो रही सेवाएं?
सभापति कँवर ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से परियोजना अधिकारी (PO) कीर्ति कुरियन जैन के कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, अधिकारी:
नियमित उपस्थिति नहीं: कीर्ति कुरियन जैन कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहती हैं।
मोबाइल पर काम: अधिकांश विभागीय कार्य अधीनस्थ कर्मचारियों से मोबाइल फोन के माध्यम से कराए जाते हैं, जिससे उचित निगरानी नहीं हो पाती।
कमजोर मॉनिटरिंग: सप्ताह में केवल 1 से 2 दिन की कार्यालय उपस्थिति के कारण ICDS योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग बेहद कमजोर हो गई है।
बढ़ती मनमानी: इस प्रशासनिक ढिलाई के चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में अनुशासनहीनता और मनमानी बढ़ रही है।
गंभीर परिणाम: सावित्री अजय कँवर ने चेतावनी दी है कि यदि इन खामियों को तुरंत दूर नहीं किया गया, तो क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और किशोरियां सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
सावित्री कँवर का सक्रिय नेतृत्व और त्वरित कार्रवाई
जनता के बीच गहरे जुड़ाव और समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने के लिए पहचानी जाने वाली सावित्री अजय कँवर ने इस मामले में तत्काल और प्रभावी कदम उठाए हैं। वह बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों से सीधा संवाद करती हैं और विभागीय कार्यों के पारदर्शी और सुचारू संचालन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उच्च अधिकारियों को सूचना: शिकायत की प्रतिलिपि महिला एवं बाल विकास विभाग और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को भी भेजी गई है।
समयबद्ध एक्शन की मांग: उन्होंने कलेक्टर से इस गंभीर लापरवाही पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
निष्कर्ष: सावित्री अजय कँवर का सक्रिय नेतृत्व और जनता के प्रति उनका समर्पण कोरबा ICDS परियोजना में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और सबसे कमजोर वर्ग—बच्चों और महिलाओं—के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।