कोरबा। कटघोरा क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों के अधिकार और रोजगार को लेकर विधायक प्रेमचंद पटेल ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने South Eastern Coalfields Limited (SECL) के सीएमडी को पत्र लिखकर मौजूदा नीतियों में बदलाव की मांग की है।
विधायक पटेल ने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था में केवल लगभग 20 प्रतिशत भू-विस्थापितों को ही स्थायी रोजगार मिल पा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार आज भी अवसरों से वंचित हैं। इससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने भू-विस्थापितों के हित में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
टेंडर सीमा में संशोधन: वर्तमान 5 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाए, ताकि अधिक लोग काम में भाग ले सकें।
वार्षिक कार्य सीमा वृद्धि: हर वित्तीय वर्ष में टेंडर सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की मांग, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
आउटसोर्सिंग में रोजगार: निजी कंपनियों में कम से कम 80% रोजगार प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को देना अनिवार्य किया जाए।
वाहन टेंडर आरक्षण: SECL के सभी चार पहिया वाहन संबंधी कार्य पूर्ण रूप से भू-विस्थापितों के लिए आरक्षित किए जाएं।
विधायक ने कहा कि यदि इन मांगों को लागू किया जाता है, तो इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भू-विस्थापितों को न्याय दिलाने की लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता।
इस पहल को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है और अब निगाहें SECL प्रबंधन के निर्णय पर टिकी हैं।