बलौदाबाजार, 24 फरवरी 2026। बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी में 22 से 24 फरवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय गिरौदपुरी मेला में प्रशासन ने प्लास्टिक मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल की। श्रद्धालुओं को इको-फ्रेंडली कैरी बैग वितरित किए गए तथा भंडारा स्थलों पर समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित दोना-पत्तल में भोजन परोसने पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रयास के माध्यम से प्लास्टिकमुक्त गिरौदपुरी का सशक्त संदेश दिया गया।
550 स्वच्छाग्रही एवं कर्मियों की तैनाती
मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए लगभग 550 स्वच्छाग्रहियों एवं सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। मेला परिसर में 24 घंटे निरंतर साफ-सफाई का जिम्मा संभालते हुए इन कर्मियों ने स्वच्छता का बीड़ा उठाया।
पूरे परिसर में जगह-जगह डस्टबिन की व्यवस्था की गई, जिससे कचरा इधर-उधर न फैले। स्वच्छाग्रहियों की सतत निगरानी और समर्पण के कारण मेला परिसर में स्वच्छता का सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
श्रद्धालुओं को मिली बेहतर सुविधाएं
जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष मेले में सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की गई थी। बेहतर व्यवस्थाओं के चलते बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक वातावरण मिला और वे सुखद अनुभव लेकर वापस लौटे।
गिरौदपुरी मेले में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की यह पहल आने वाले आयोजनों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।