बलौदाबाजार, 22 मार्च 2026। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च को बलौदाबाजार वनमंडल में जागरूकता, सहभागिता और संवाद आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, आजीविका और भविष्य की आधारशिला हैं।
इस अवसर पर जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए पेंटिंग, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वन संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विश्व वानिकी दिवस के तहत वन एवं वन्य जीव अपराध अन्वेषण और अभियोजन विषय पर एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गिरीश पाल सिंह एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कसडोल श्वेता मिश्रा की उपस्थिति रही। कार्यशाला में वन्यजीव अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधान, जांच प्रक्रिया और न्यायालयीन कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिली।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने अपने संबोधन में कहा कि वनों का संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए वन संरक्षण को अनिवार्य बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी निश्चल शुक्ला, डॉ. अजय मिश्रा, बारनवापारा अभयारण्य के अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।