
रिपोर्टर टेकराम कोसले
अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में हुई चर्चित चोरी की वारदात में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशन में चल रही सघन जांच के तहत की गई।
📌 क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बदरा निवासी नागेंद्र कुमार अवस्थी ने 20 जनवरी 2026 को थाना भालूमाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एम.एन. सिंह पेट्रोल पंप के संचालक संग्राम सिंह अपने परिवार के साथ इलाज के लिए नागपुर गए हुए थे। इसी दौरान 19-20 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1:30 से 2:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया।
चोरों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात व नगदी पार कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
📹 CCTV फुटेज से खुला राज
घटना की जांच के दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें तीन नकाबपोश चोर घर के अंदर दिखाई दिए, जबकि बाहर एक इनोवा कार में दो अन्य साथी मौजूद थे।
पुलिस ने आसपास और टोल नाकों के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें CG 16 CG 2914 नंबर की इनोवा कार घटना के बाद मैनटोला बिजुरी टोल नाके से मनेन्द्रगढ़ की ओर जाती दिखी।
🚗 वाहन से जुड़े सुराग ने पकड़े आरोपी
वाहन की जानकारी निकालने पर पता चला कि यह कार कुर्वान रजा खान के नाम पर पंजीकृत है, जिसने इसे अपने मामा ससुर जब्बीर खान को उपयोग के लिए दिया था।
पूछताछ में जब्बीर खान ने अपने साथियों—
अनीश उर्फ गोल्डन
नंदलाल उर्फ नंदू गिरी
आरिफ खान
पास्टर उर्फ मानवेंद्र लकड़ा
के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
💰 चोरी के जेवर 9 लाख में बेचे
आरोपियों ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर अम्बिकापुर स्थित “मां अन्नपूर्णा ज्वेलर्स” के संचालक नीरज सोनी को लगभग 9 लाख रुपये में बेच दिए थे।
👮♂️ पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
भालूमाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
अनीश उर्फ गोल्डन
नंदलाल उर्फ नंदू गिरी
कुर्वान रजा खान (वाहन मालिक)
नीरज सोनी (जेवर खरीददार)
को गिरफ्तार किया।
नीरज सोनी के कब्जे से बरामद:
करीब 1 किलो 700 ग्राम चांदी के जेवर
लगभग 2 तोला सोने की चेन
3 सोने के लॉकेट
घटना में प्रयुक्त इनोवा कार
₹77,050 नगद
⚖️ फरार आरोपी ने किया सरेंडर
मामले में एक अन्य आरोपी पास्टर उर्फ मानवेंद्र लकड़ा फरार चल रहा था। लगातार पुलिस दबाव के चलते उसने 16 मार्च 2026 को कोतमा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
भालूमाड़ा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 18 मार्च को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
👏 इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में निम्न अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
पुलिस अधीक्षक: मोती उर रहमान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: जगन्नाथ सिंह मरकाम
एसडीओपी के मार्गदर्शन में
थाना प्रभारी उप निरीक्षक: डी.एस. बागरी
सहायक उप निरीक्षक: मणिराज सिंह
चन्द्रहास बांधेकर
आरक्षक देवेंद्र तिवारी
🔍 निष्कर्ष
भालूमाड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि तकनीकी साक्ष्य (CCTV, टोल फुटेज) और सघन जांच के दम पर पुलिस ने बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। फरार आरोपी के सरेंडर के साथ ही मामले में लगभग सभी आरोपियों पर शिकंजा कस चुका है।