बलौदा बाजार।
रंगों का महापर्व होली जहां आपसी सौहार्द, भाईचारे और खुशियों का संदेश देता है, वहीं इस बार कुछ मदिरा प्रेमियों के लिए यह पर्व महंगा साबित हो रहा है। आरोप है कि लवन स्थित शासकीय अंग्रेजी शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है, जिससे त्योहारी उत्साह पर ग्रहण लग रहा है।
स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि प्रत्येक पौवे पर 20 से 30 रुपये तक अतिरिक्त रकम ली जा रही है। उपभोक्ताओं के अनुसार यह वसूली खुलेआम की जा रही है और विरोध करने पर उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कुछ ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो बनाने या प्रमाण जुटाने की कोशिश पर रोक लगाने जैसा माहौल बनाया गया, जिससे लोग खुलकर आवाज नहीं उठा पा रहे हैं।
होली के दौरान शराब बिक्री में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है। ऐसे समय में यदि ओवररेट वसूली के आरोप सामने आते हैं और जिम्मेदार अधिकारी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आते हैं, तो यह केवल 20–30 रुपये का मामला नहीं रह जाता, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
मामले में जिला सहायक आबकारी अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। अधिकारियों की चुप्पी से उपभोक्ताओं में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। त्योहार के अवसर पर पारदर्शिता और सख्ती अपेक्षित होती है, ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी प्रकार की मनमानी न हो।
अब मांग उठ रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि ओवररेट वसूली सिद्ध होती है तो संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि होली की खुशियों पर लग रहा यह कथित ‘ग्रहण’ हट सके और उपभोक्ताओं का विश्वास बहाल हो सके।
त्योहार उल्लास और उमंग का प्रतीक है, लेकिन यदि इसी अवसर पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली हो, तो यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक प्रश्न भी बन जाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
बहुत बढ़िया समाचार गुरूजी 🙏🙏