संवेदनशील सरकार की संवेदनहीन तस्वीर! बलौदाबाजार जिला अस्पताल में मरीजों से बदसलूकी, स्टाफ की दबंगई कैमरे में कैद

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

February 3, 2026


बलौदाबाजार।
एक ओर सरकार खुद को *संवेदनशील, जन-हितैषी और गरीबों की सरकार* बताने के दावे करती नहीं थकती, वहीं दूसरी ओर बलौदाबाजार जिला अस्पताल से सामने आई यह घटना उन दावों पर करारा तमाचा है। यहां मरीज इलाज नहीं, बल्कि अपमान और धमकियां झेलने को मजबूर हैं।

पलारी क्षेत्र के ग्राम पंचायत वटगन निवासी पीड़ित के अनुसार, शुक्रवार को जिला अस्पताल में परिजन का हर्निया ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को बिना बेडशीट के बिस्तर पर लिटा दिया गया। जब परिजनों ने बुनियादी सुविधा की मांग की, तो अस्पताल स्टाफ भड़क गया और खुलेआम धमकाने लगा। इतना ही नहीं, झूठे केस में फंसाने तक की बात कही गई।


इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें अस्पताल कर्मचारी मरीजों और परिजनों पर रौब झाड़ते साफ नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पताल अब आम जनता के लिए *डर और दहशत का अड्डा* बनते जा रहे हैं?

सबसे बड़ा सवाल सरकार और स्वास्थ्य विभाग से है —
क्या यही है संवेदनशील सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था?
क्या मरीज अब इलाज से पहले स्टाफ की गुंडागर्दी सहने को मजबूर होंगे?
और क्या ऐसे कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई होगी या हमेशा की तरह मामला दबा दिया जाएगा?

अब तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, जो अपने आप में बहुत कुछ कह जाता है। जनता जवाब चाहती है, सिर्फ आश्वासन नहीं। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही कल किसी बड़ी घटना का रूप ले सकती है।

सह संपादक

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