विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता का संदेश, दांतों की सही देखभाल को बताया स्वस्थ जीवन की कुंजी
मौखिक स्वास्थ्य दिवस (World Oral Health Day) के अवसर पर दंत विशेषज्ञ डॉ. एम.एस. नवाज ने लोगों से दांतों और मुंह की साफ-सफाई को लेकर सजग रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौखिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही केवल दांतों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित कर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है।
डॉ. नवाज ने बताया कि मुंह को शरीर का “मुख्य द्वार” कहा जाता है। यदि दांतों और मसूड़ों की सही देखभाल नहीं की जाए तो संक्रमण मुंह से शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है। इससे बदबूदार सांस, चेहरे में सूजन, गले में संक्रमण, बुखार, साइनसाइटिस, हृदय रोग और यहां तक कि मधुमेह जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मौखिक स्वास्थ्य क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ दांत न केवल भोजन चबाने में मदद करते हैं, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को भी मजबूत बनाते हैं। खराब ओरल हेल्थ का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारत में अधिकांश लोग दंत समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं और तब ही डॉक्टर के पास जाते हैं जब दर्द असहनीय हो जाता है।
गंभीर बीमारियों का खतरा
डॉ. नवाज ने चेतावनी देते हुए बताया कि खराब मौखिक स्वच्छता से हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी, माउथ कैंसर और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर तंबाकू, सिगरेट और शराब का सेवन करने वालों में जोखिम अधिक होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को ओरल हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उनमें दांत गिरने और मसूड़ों के संक्रमण की संभावना अधिक रहती है।
कैविटी और दांतों की सड़न के मुख्य कारण
डॉ. नवाज के अनुसार दांतों की सड़न के प्रमुख कारण हैं—
दांतों की सही सफाई न करना
अधिक मीठा और चिपचिपा भोजन
मुंह में बैक्टीरिया का बढ़ना
खराब मौखिक स्वच्छता
उन्होंने बताया कि समय पर इलाज न कराने पर रूट कैनाल या दांत निकालने की नौबत आ सकती है।
कैसे रखें दांतों को स्वस्थ
विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सुझाव भी दिए—
दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें
मीठे और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचें
जीभ की सफाई भी करें
हर 3 महीने में ब्रश बदलें
साल में कम से कम एक बार डेंटल चेकअप कराएं
तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें
रोकथाम है सबसे बेहतर उपाय
डॉ. नवाज ने कहा कि दांतों की समस्याओं से बचाव इलाज से कहीं आसान और सस्ता है। नियमित जांच, सफाई (स्केलिंग) और फ्लोराइड उपचार से दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
उन्होंने अंत में कहा कि “स्वस्थ मुंह ही स्वस्थ शरीर की पहचान है, इसलिए मौखिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी बीमारियों को न्योता देने जैसा है।”