छुरा/गरियाबंद: नगर पंचायत छुरा में गुरुवार को आयोजित सामान्य सभा की अहम बैठक विपक्ष के 9 पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित करनी पड़ी। आवश्यक गणपूर्ति (कोरम) पूरी नहीं होने से बैठक की कार्यवाही शुरू ही नहीं हो सकी, जिससे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव फिलहाल लंबित हो गए हैं।
बैठक में नगर विकास कार्य, वार्डों के निर्माण प्रस्ताव, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पूर्वानुमान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा प्रस्तावित थी। जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पक्ष के 6 पार्षद समय पर उपस्थित रहे, जबकि विपक्ष के सभी पार्षद अनुपस्थित रहे।
विपक्षी पार्षदों ने अपनी गैरहाजिरी को लेकर नाराजगी जताते हुए बताया कि पूर्व में उठाए गए जनहित से जुड़े मुद्दों का अब तक निराकरण नहीं किया गया है। इसी के विरोध में सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से बैठक में अपनी अनुपस्थिति दर्ज कराई है।
स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की स्थिति से विकास कार्य प्रभावित होते हैं और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। पेंशन मामलों में देरी, अधूरे निर्माण कार्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े निर्णय टलना प्रमुख समस्याएं बन सकती हैं।
बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी, उनमें वार्डों के अधूरे निर्माण कार्य, साफ-सफाई व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं के प्रस्ताव और आगामी बजट शामिल थे। बैठक स्थगित होने से इन सभी पर निर्णय टल गया है, जिससे कार्यों में और देरी की आशंका बढ़ गई है।
पहले भी हो चुका है विवाद
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले जुलाई माह में बस स्टैंड से बजरंग चौक तक पेवर ब्लॉक के स्थान परिवर्तन को लेकर भी विपक्षी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया था। उस दौरान भी कार्य प्रभावित हुआ था और स्थानीय स्तर पर इसे संसाधनों की बर्बादी के रूप में देखा गया था।
नगरवासियों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि परिषद की बैठकों में लगातार बाधा आने से विकास कार्यों की गति धीमी पड़ रही है, जिसका खामियाजा अंततः जनता को उठाना पड़ता है।