
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के ग्राम खुरसुला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जहां सभी ने भगवान की पावन लीलाओं का भावपूर्वक श्रवण किया।
प्रमुख प्रसंगों ने बांधा समां
कथा के चौथे दिन हिरण्यकश्यप जन्म, अजामिल प्रसंग, बृषासुर प्रसंग, भगवान नरसिंह अवतार तथा भक्त प्रह्लाद के चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक ने इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, भक्ति और सत्य की विजय का संदेश देते हुए बताया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं।
हिरण्यकश्यप के अहंकार और उसके अंत की कथा के साथ ही भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
भक्ति में डूबा पूरा गांव
कथा स्थल पर दिनभर भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज रही। पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक कथा में सहभागिता निभाई।
मुख्य यजमानों का विशेष योगदान
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान नकुलराम साहू, लक्ष्मी बाई साहू, सहदेव, राजेश्वरी, भीमसाय, सावित्री, धरमलाल भारती सहित समस्त साहू परिवार का विशेष सहयोग रहा, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।
समापन की ओर बढ़ रहा आयोजन
आगामी दिनों में कथा के और भी महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।