बलौदाबाजार । 21 जनवरी 2026 वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार वन परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत वन विभाग द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। विभागीय टीम के औचक निरीक्षण के दौरान वनाधिकार क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर ईंट निर्माण तथा वन क्षेत्र से लाई गई अवैध जलाऊ लकड़ी का उपयोग किए जाने का मामला सामने आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गिण्डोला परिवृत्त में किए गए निरीक्षण के दौरान रूपसिंह पैंकरा एवं मंगलराम पैंकरा द्वारा वनाधिकार क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करते हुए ईंटों का निर्माण किया जा रहा था। यह कृत्य वनाधिकार प्रावधानों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण नियमों का भी स्पष्ट उल्लंघन पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा 2 के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से अवैध रूप से निर्मित ईंटों एवं ईंट पकाने में प्रयुक्त अवैध जलाऊ लकड़ी को जब्त कर पीओआर (प्रकरण अपराध रिपोर्ट) जारी की।
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने नागरिकों से वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन एवं वन संसाधनों का दुरुपयोग पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा देता है और प्राकृतिक संपदा को गंभीर क्षति पहुंचाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।