बलौदाबाजार में मादा गौर शिकार मामला: दो और आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण, शेष की तलाश जारी

TEKRAM KOSLE

February 28, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

बलौदाबाजार, 28 फरवरी 2026। वन परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत अक्टूबर माह में हुए मादा गौर शिकार प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों में से दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल दाखिला करा दिया गया है। इस मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज है गंभीर अपराध
मादा गौर के शिकार की इस घटना में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत गंभीर अपराध पंजीबद्ध किया गया था। घटना के बाद से वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी, विशेष गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
वन विभाग की सघन कार्रवाई और लगातार दबाव के चलते मुख्य आरोपी जगदीश चौहान एवं अभिमन्यु चौहान, दोनों निवासी बिलाड़ी, ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और निगरानी बढ़ा दी गई है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई में प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन कुमार साहू, प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल रुपेश्वरी दीवान एवं डब्बू साहू की सक्रिय भूमिका रही।
यह मामला क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सह संपादक

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