
रिपोर्टर टेकराम कोसले
रायपुर, 11 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी धान खरीदी नीति ने प्रदेश के किसानों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन ला दिया है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, पारदर्शी प्रक्रिया और दो दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था से किसान आज आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
जिला रायपुर के सभी धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारु रूप से जारी है, जहाँ किसान इसे किसी पर्व से कम नहीं मान रहे। किसानों को अब बिचौलियों से मुक्ति मिली है और शासन की व्यवस्था पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।
आरंग विकासखंड के किसान को मिला सीधा लाभ
आरंग विकासखंड के ग्राम गोढ़ी निवासी किसान श्री कुलेश्वर बैस ने बताया कि उन्होंने अपनी 16.5 एकड़ भूमि से 344 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से धान बेचा, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
श्री बैस ने बताया कि—
धान खरीदी केंद्र में पीने के पानी, बारदाने और बैठने की उचित व्यवस्था उपलब्ध थी
मॉइश्चर मशीन से धान की गुणवत्ता जांच की गई
दो दिनों के भीतर पूरी राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो गई
समय पर भुगतान मिलने से वे अब उन्नत बीज, खाद, कीटनाशक और आधुनिक कृषि संसाधनों में निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उनकी फसल उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है।
छोटे किसानों को भी मिला बड़ा सहारा
ग्राम मुंगेसर निवासी छोटे किसान श्री कृष्ण वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी एक एकड़ भूमि से 21 क्विंटल धान का विक्रय नकपुरा धान उपार्जन केंद्र में किया।
उन्होंने भी ऑनलाइन टोकन प्रणाली का उपयोग किया और बताया कि केंद्र में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। धान विक्रय के दो दिनों के भीतर ही भुगतान उनके खाते में पहुंच गया, जिससे उनकी आर्थिक चिंता दूर हो गई।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सशक्त किसान, मजबूत कृषि व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
हर केंद्र पर पारदर्शिता, त्वरित सेवा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसान सम्मान, संतोष और सुविधा के साथ अपनी फसल का विक्रय कर सकें।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार की यह व्यवस्था केवल धान खरीदी नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में आत्मनिर्भरता और खुशहाली का आधार बन रही है।
समयबद्ध भुगतान और पारदर्शी प्रणाली ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और किसानों का सरकार पर भरोसा और मजबूत किया है।