सुशासन की सरकार में किसानों को मिल रहा हक और सम्मान, सुव्यवस्थित धान खरीदी केंद्रों से खिले किसानों के चेहरे

TEKRAM KOSLE

January 9, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

बलौदाबाजार | 9 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की पारदर्शी धान खरीदी नीति अब जमीनी स्तर पर किसानों के जीवन में खुशहाली का संदेश लेकर आई है। सरकार द्वारा लागू की गई सुव्यवस्थित व्यवस्था का प्रत्यक्ष उदाहरण बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कुकुरदी के प्रगतिशील किसान मोहन लाल ध्रुव हैं, जिनके चेहरे पर आज संतोष और आत्मविश्वास की झलक साफ दिखाई दे रही है।
3100 रुपये प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी से बढ़ा किसानों का उत्साह
किसान मोहन लाल ध्रुव ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर इस वर्ष उन्होंने उत्कृष्ट पैदावार प्राप्त की है। उन्होंने उपार्जन केंद्र में अब तक 70 क्विंटल धान का विक्रय सफलतापूर्वक किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान खरीदी किया जाना किसानों के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे ग्रामीण किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे किसान
धान खरीदी केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा कि—
“खरीदी केंद्रों में छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और तौल की पूरी प्रक्रिया अत्यंत सुव्यवस्थित है। हमें अब घंटों लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ता, जिससे काम आसान और सम्मानजनक बन गया है।”
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और परेशानी मुक्त बन रही है।
मुख्यमंत्री को जताया आभार
अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा—
“आज किसानों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल रहा है। विष्णु सरकार वास्तव में किसानों की चिंता करने वाली सरकार है। इस बेहतर व्यवस्था और लाभकारी मूल्य के लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
प्रदेश सरकार की यह नीति न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा और मजबूती मिल रही है। खेती अब लाभ का व्यवसाय बन रही है और किसानों का भरोसा शासन-प्रशासन पर लगातार मजबूत हो रहा है।

संपादक { समाचार }

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