बिलाईगढ़ के हक की गूंज: विधानसभा में विधायक कविता प्राण लहरे ने उठाई जिला-स्तरीय विभागों की मांग
बिलाईगढ़ के हक की मजबूत आवाज बनीं विधायक कविता प्राण लहरे, विधानसभा में उठाया जिला-स्तरीय विभागों का मुद्दा; संयुक्त जिला होने के बावजूद सुविधाओं से वंचित क्षेत्र
बिलाईगढ़ : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने सदन में बिलाईगढ़ में जिला-स्तरीय विभागों की स्थापना का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ संयुक्त जिला बनने के बावजूद बिलाईगढ़ क्षेत्र के नागरिकों को आज भी जिला-स्तरीय कार्यों के लिए सारंगढ़ जिला मुख्यालय पर क्यों निर्भर रहना पड़ रहा है।
विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वीकार किया कि जिला-स्तरीय कार्य जिला मुख्यालय से संचालित होने के कारण बिलाईगढ़ क्षेत्र के नागरिकों को अभी भी सारंगढ़ जिला मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिलाईगढ़ क्षेत्र में कोई जिला-स्तरीय विभाग स्थापित नहीं है और यहां केवल बिलाईगढ़ अनुभाग है, जहां अनुभाग स्तर के अधिकारी पदस्थ हैं और उन्हीं के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सारंगढ़-बिलाईगढ़ को संयुक्त जिला बनाया गया था। उस समय क्षेत्र में यह उम्मीद जगी थी कि संयुक्त जिला बनने के बाद प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ जिला-स्तरीय विभाग सारंगढ़ में और कुछ बिलाईगढ़ में स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोनों क्षेत्रों के लोगों को समान रूप से प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकें।
लेकिन जिला गठन के कुछ ही समय बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया और भाजपा की सरकार बन गई। इसके बावजूद अब तक बिलाईगढ़ क्षेत्र में किसी भी प्रमुख जिला-स्तरीय विभाग की स्थापना नहीं हो पाई है। इसे लेकर क्षेत्र में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है, क्योंकि छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी नागरिकों को सारंगढ़ जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर विधायक कविता प्राण लहरे ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से सदन में रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विधायक लगातार बिलाईगढ़ क्षेत्र के विकास और सुविधाओं के लिए आवाज उठा रही हैं और जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ को संयुक्त जिला बनाया गया है तो प्रशासनिक सुविधाओं का भी समान वितरण होना चाहिए। लोगों ने सरकार से मांग की है कि बिलाईगढ़ में भी जल्द से जल्द कुछ प्रमुख जिला-स्तरीय विभाग स्थापित किए जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और उन्हें अपने छोटे-बड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार सारंगढ़ नहीं जाना पड़े।
विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार बिलाईगढ़ क्षेत्र की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को कब तक पूरा करती है, क्योंकि संयुक्त जिला बनने के बाद भी बिलाईगढ़ को अब तक अपेक्षित प्रशासनिक सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।