महासमुंद/बसना। छत्तीसगढ़ में किसानों से जुड़ी एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, जिसने पिथौरा और बसना ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के किसानों को संकट में डाल दिया है। भुइयां सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित दर्ज कर दिया गया है, जिससे किसानों को मिलने वाला बैंक ऋण प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस के सक्रिय नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने इस मुद्दे को उठाते हुए शासन-प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उनके अनुसार, गलत रिकॉर्ड के कारण किसान पर्याप्त ऋण नहीं ले पा रहे हैं, जिससे खाद, बीज और खेती की तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रधान ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग और सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिथौरा और बसना ब्लॉक के अधिकांश गांव इस समस्या से प्रभावित हैं, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। “सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। किसान अब चुप नहीं बैठेंगे और अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतरेंगे,” उन्होंने स्पष्ट कहा।
यह मामला अब केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के भविष्य और आजीविका से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले कृषि सीजन पर पड़ सकता है और क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।