डबरी बनी आजीविका का स्थायी साधन, आर्थिक सशक्तिकरण को मिला मजबूत आधार

TEJASWI NATH SONI

December 21, 2025

बलौदाबाजार, 21 दिसम्बर 2025/

महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने से उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। डबरी निर्माण के माध्यम से किसान न केवल खेती को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि नियमित आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। इस प्रकार आजीविका डबरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थायी साधन के रूप में उभर रही है।

विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खरतोरा निवासी पुनित राम पिता हिरमत ने अपनी कृषि भूमि में आजीविका डबरी का निर्माण कर प्रतिवर्ष लगभग 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। पुनित राम को ग्राम पंचायत की बैठक में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत छोटे किसानों की निजी भूमि पर आजीविका डबरी निर्माण की जानकारी मिली। इसके पश्चात उन्होंने अपनी 3 एकड़ कृषि भूमि में डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया।

योजना के अंतर्गत उनके खेत में 1 लाख 83 हजार रुपये की लागत से डबरी स्वीकृत हुई और कार्य शीघ्र प्रारंभ किया गया। डबरी निर्माण के दौरान 35 जॉब कार्डधारी परिवारों के 167 श्रमिकों को रोजगार मिला, जिससे कुल 894 मानव दिवस का सृजन हुआ। यह कार्य न केवल हितग्राही किसान बल्कि अन्य ग्रामीण परिवारों के लिए भी रोजगार का माध्यम बना।

डबरी बनी आय का मजबूत आधार

डबरी निर्माण के बाद पुनित राम ने धान की फसल के उपरांत उद्यानिकी फसलों जैसे मूली, लालभाजी एवं मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें लगभग 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। इसके साथ ही डबरी में मछली बीज संचयन कर मछली पालन शुरू किया गया, जिससे लगभग 25 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। इस प्रकार आजीविका डबरी ने उनके लिए आय का एक स्थायी और मजबूत आधार तैयार किया है।

पुनित राम की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

District Bureau Chief BALODA BAZAR

Share this content:

Leave a Comment