पटना। 2 फरवरी 2026 बिहार की राजधानी पटना सोमवार को सामाजिक न्याय और शिक्षा के अधिकार की मांग को लेकर उबलती नजर आई। UGC अधिनियम के समर्थन और OBC/SC/ST के अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए हजारों छात्र–युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। जय भीम, जय संविधान के नारों से पूरा पटना गूंज उठा।
इस विशाल प्रदर्शन में OBC, SC और ST समुदाय के छात्र–युवाओं की ठसाठस भीड़ देखने को मिली। हाथों में बैनर–पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी UGC अधिनियम को सभी शिक्षण संस्थानों में सख्ती से लागू करने और बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार भेदभाव, उत्पीड़न और अन्याय बढ़ता जा रहा है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने एक स्वर में कहा।
SC/ST/OBC पर अत्याचार नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे!
यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय के योद्धा बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे आंदोलन को ऐतिहासिक और वैचारिक मजबूती मिली। युवाओं ने बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका सपना आज भी अधूरा है और उसे पूरा करने के लिए सड़क से संसद तक आवाज उठाई जाएगी।
पटना की प्रमुख सड़कों पर घंटों तक जनसैलाब नजर आया। अनुशासित लेकिन जोशीले इस आंदोलन ने साफ संदेश दिया कि अब छात्र–युवा अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अंत में प्रदर्शन जय भीम, जय भीम, जय संविधान के नारों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन राजधानी में यह साफ महसूस किया गया कि UGC अधिनियम और सामाजिक न्याय का मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है।