सोनाखान | शिक्षाविदों का मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आदिवासी अंचल की वीर भूमि, वीर नारायण सिंह की कर्मस्थली सोनाखान स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर मध्यप्रदेश के अमरकंटक ले जाया गया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान सोनाखान से रवाना हुए विद्यार्थियों का पहला पड़ाव बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी (जूलॉजिकल पार्क) रहा, जहां उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के हिरण, मोर, सर्प, मछलियां, मगरमच्छ, शेर, सफेद बाघ, भालू सहित अनेक वन्य प्राणियों को नजदीक से देखा और प्रकृति के प्रति जिज्ञासा व जागरूकता विकसित की।
इसके पश्चात दूसरे पड़ाव पर विद्यार्थियों ने रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में दर्शन-पूजन कर मां की आरती का लाभ लिया तथा कल्चुरी शासनकाल की ऐतिहासिक शिल्पकारी और स्थापत्य कला के बारे में जानकारी प्राप्त की। अगले दिन प्रातः छात्रों ने मध्यप्रदेश के सोनमुड़ा में सोन नदी के उद्गम स्थल का अवलोकन किया तथा सनपॉइंट में फोटोग्राफी की। इसके बाद उन्होंने मां नर्मदा मंदिर पहुंचकर नर्मदा नदी के उद्गम स्थल के दर्शन किए।
शैक्षणिक यात्रा के अंतर्गत विद्यार्थियों ने कपिल मुनि आश्रम, जैन मंदिर, तथा मरहीमाता (पेंड्रा) मंदिर में दर्शन कर शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया और अपनी सफलता के लिए आशीर्वाद लिया।
शैक्षणिक भ्रमण में संस्था के प्राचार्य श्री के. आर. पटेल के साथ शिक्षक श्री पी. के. साहू, श्री आर. के. पटेल, श्री सत्येंद्र कुमार अग्निहोत्री, श्री कन्हैयालाल यादव, सुश्री आभानुर मिंज, श्री नीलम कुमार बांधे, श्री नीलेश कुमार सोनी, श्याम बाई (प्यून), सलमान सर एवं आनंद सर उपस्थित रहे। वहीं विद्यार्थियों में लीला केवर्त्य, दीक्षा, आरती, संतोषी, सुमन, हेमलता, लोकेश, सचिन, कार्तिक, देवेंद्र, नागेश, पंकज, रेवती, पल्लवी, फिजा, साक्षी, दिव्या, मोनिका, धनकुमारी, खुशबू सहित अन्य छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही।
संस्था के प्राचार्य श्री के. आर. पटेल ने इस शैक्षणिक भ्रमण को छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान, सांस्कृतिक समझ और नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।