
रिपोर्टर टेकराम कोसले
रायगढ़, 28 फरवरी 2026। Chhattisgarh Police के अंतर्गत पुलिस कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ मुख्य लिपिक श्रीमती मनोरमा बोहिदार 31 वर्षों की उत्कृष्ट, अनुकरणीय और समर्पित सेवा के बाद 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर पुलिस कार्यालय में गरिमामय सेवा सम्मान समारोह आयोजित कर भावभीनी विदाई दी गई।
1995 में शुरू की थी सेवा, 31 वर्षों तक निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
श्रीमती मनोरमा बोहिदार ने वर्ष 1995 में लिपिक वर्ग सहायक उप निरीक्षक (एम) के पद पर पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं। अपने तीन दशक से अधिक लंबे कार्यकाल में उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं में कार्य करते हुए विभागीय कार्यों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।
वर्ष 2013 में उन्हें उप निरीक्षक (एम) पद पर पदोन्नति मिली। पदोन्नति के बाद उन्होंने 6वीं बटालियन में वर्ष 2018 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके पश्चात वे पुनः पुलिस कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ रहीं और सेवानिवृत्ति तक अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती रहीं।
कई महत्वपूर्ण शाखाओं का सफल संचालन
पुलिस कार्यालय रायगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान श्रीमती बोहिदार ने आवक-जावक शाखा, शिकायत शाखा, कंटीजेंसी, अवकाश शाखा एवं एसआरसी जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं का दायित्व संभाला।
उनकी प्रशासनिक दक्षता, समयबद्ध कार्यशैली और अनुशासन के कारण उन्हें प्रभारी मुख्य लिपिक के रूप में भी कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया।
विशेष रूप से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को समय पर तैयार कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। अधिकारीगण सदैव उनके कार्य से संतुष्ट रहे और उन्हें जिम्मेदार एवं भरोसेमंद अधिकारी के रूप में जाना गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दी शुभकामनाएं
सेवानिवृत्ति समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने श्रीमती बोहिदार के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने विभाग को अपने अनुभव, निष्ठा और कार्यकुशलता से मजबूत बनाया। उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की।
समारोह में पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ एडीपीओ कार्यालय और 6वीं बटालियन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सहकर्मियों ने उनके मिलनसार एवं सहयोगात्मक स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि वे सदैव अपने सहयोगियों को मार्गदर्शन देती थीं।
परिवार में एक पुत्र, पुत्रवधू और पोता-पोती
श्रीमती मनोरमा बोहिदार के परिवार में उनका एक पुत्र अभिषेक, पुत्रवधू सरिता और पोता-पोती हैं। सेवानिवृत्ति के इस विशेष अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीनी विदाई दी।
निष्कर्ष
पुलिस कार्यालय रायगढ़ में मुख्य लिपिक के रूप में श्रीमती मनोरमा बोहिदार की 31 वर्षों की सेवा न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह समर्पण और ईमानदारी की मिसाल भी है। उनकी सेवाएं लंबे समय तक विभाग में याद की जाती रहेंगी।