कुंजराम यादव – बसना रिपोर्टर
महासमुंद, 23 फरवरी 2026। प्रदेश में निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा की क्षमता में वृद्धि की है। उपकेंद्र में स्थापित 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नवीन 63 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण कर दिया गया है। यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है। उल्लेखनीय है कि यह कार्य मात्र दो माह में पूर्ण किया गया।
पूर्व में उपकेंद्र में 63 एमवीए एवं 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर स्थापित थे, जिनकी कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 63 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है।
गत वर्ष पीक लोड सीजन के दौरान उपकेंद्र पर लगभग 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बन रही थी। नई क्षमता वृद्धि के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर एवं गुणवत्तापूर्ण हो सकेगी।
बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी लाइन एवं 132 केवी झलप लाइन से आपूर्ति प्राप्त होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों—बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर एवं खलारी—के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इस क्षेत्र में कृषि, कृषि आधारित उद्योग एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों को इस क्षमता वृद्धि से विशेष लाभ मिलेगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने पावर ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने का कार्य योजनाबद्ध ढंग से किया जा रहा है। विशेष रूप से आदिवासी, वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने पर प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीस, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.के. तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री वाय.के. मनहर, श्री पी.के. गढ़ेवाल, श्री धनेश देवांगन, कार्यपालन अभियंता श्री प्रशांत साहू, श्री विंध्याचल गुप्ता, सहायक अभियंता श्री प्रदीप साहू, सुश्री लता जगत, श्री नारायण प्रसाद लोधी एवं श्री दीपक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि से क्षेत्र के कृषकों एवं उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।