चंद्रपुर। 31.03.2026 सर्व नाई सेन/श्रीवास समाज का सामाजिक विचार मंथन कार्यक्रम मां नाथल दाई के प्रांगण, चंद्रपुर में सकराली परिक्षेत्र द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव मुख्य अतिथि रहे। मुख्य अतिथि विधायक यादव द्वारा समाज के सामाजिक भवन हेतु 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सर्व नाई सेन/श्रीवास समाज पंजीयन 82 के प्रांताध्यक्ष पुनित राम सेन, प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी अधिकारी प्रकोष्ठ लोकनाथ सेन, जिला अध्यक्ष सक्ती ईंदल सिंह श्रीवास, जिला अध्यक्ष बालोद संतोष कौशिक, जिला अध्यक्ष महासमुंद नरेंद्र सेन, पूर्व जिला अध्यक्ष कोरबा मोहन श्रीवास, संरक्षक सत्यवान् श्रीवास, संरक्षक जगन कौशिक, बालोद सचिव जनक कौशिक, जिला अध्यक्ष बलौदा बाजार बसंत श्रीवास, जिला अध्यक्ष सारंगढ़ रूपेश कौशिक, सचिव कसडोल मुरित श्रीवास, सालिक श्रीवास, मदन श्रीवास, भीमेश्वरी श्रीवास महिला प्रकोष्ठ, जय प्रकाश श्रीवास, भुवनेश्वर श्रीवास युवा प्रकोष्ठ, सुरज श्रीवास सहित सकराली परिक्षेत्र के सभी पदाधिकारी और समाज के स्वजातिय बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश संगठन मंत्री दीनानाथ श्रीवास तथा सकराली परिक्षेत्र द्वारा की गई।
जिला अध्यक्ष ईंदल सिंह श्रीवास ने हमारे संवाददाता को बताया कि समाज के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने विचार कर समाज के आठ बिंदुओं पर सुधार हेतु सुझाव तैयार किए। प्रस्तावों में प्रमुख रूप से शामिल है— किसी की मृत्यु होने पर परिजनों के आवश्यक संबंधों को छोड़कर कफन के बदले आर्थिक सहयोग करना; दशगात्र में मिठाई न परोसना; सामाजिक भोजन में दाल, चावल, सब्जी, बड़ा और पुड़ी परोसना; शादी में ढेंढ़हीन नेंग की राशि अधिकतम 3000 रुपये रखना; जूता छुपाई रस्म नहीं होने पर भी खुशी से देने पर 500 रुपये से अधिक न लेना; शादी, षष्ठी और जन्मदिन पर मांस व मदिरा पूर्ण रूप से बंद करना; कार्यक्रम के बाद वापस जाते समय सेनानी/कलेवा की रस्म को पूरी तरह बंद करना; तथा समाज के किसी व्यक्ति द्वारा भेदभाव करने पर उससे संबंधित कार्यों (जैसे दाढ़ी बनाने, षष्ठी या मरनी कार्यक्रम में न जाने) को सामाजिक नियम के अनुसार रोकते हुए नियमानुसार कार्रवाई करना।
कार्यक्रम में उपस्थित समस्त समाजिक जनों ने सर्वसम्मति से उक्त प्रस्तावों का समर्थन करते हुए जिले के सभी परिक्षेत्रों में लागू करने की सहमति प्रदान की।