कुंजराम यादव, बसना रिपोर्टर
बसना। थाना बसना पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ग्रामीण को झांसा देकर उसके नाम पर बैंक खाता और मोबाइल सिम प्राप्त की तथा उस खाते के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया।
मामले के अनुसार धुमाभांठा निवासी सालिकराम यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के ही नरेश राणा ने उसे व्यावसायिक कार्य का बहाना बनाकर झांसा दिया। नरेश ने सालिकराम के नाम पर एक मोबाइल सिम और बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बसना शाखा में खाता खुलवाया। इसके बाद आरोपी ने अपने साथी कन्हैया लाल साव (निवासी बंसुला) के साथ मिलकर एटीएम कार्ड और पासबुक यह कहकर ले ली कि इसे 8–10 दिनों के लिए व्यापारिक उपयोग में लिया जाएगा।
जांच में सामने आया कि उक्त खाता तिल्दा निवासी विनोद रिजवानी को सौंप दिया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सालिकराम के खाते से 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है। आशंका है कि इस खाते का उपयोग धोखाधड़ी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया गया।
आवेदक की रिपोर्ट पर थाना बसना में अपराध क्रमांक 72/26 धारा 318(4), 317(4) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
-
नरेश राणा (28 वर्ष), निवासी धुमाभांठा, चौकी भंवरपुर, थाना बसना, जिला महासमुंद।
-
कन्हैया लाल साव (30 वर्ष), निवासी बंसुला, थाना बसना, जिला महासमुंद।
-
विनोद रिजवानी (28 वर्ष), निवासी तिल्दा, थाना तिल्दा नेवरा, जिला रायपुर।
महासमुंद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक या मोबाइल सिम न सौंपें। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों का भी खुलासा किया जा सके।