
रिपोर्टर टेकराम कोसले
बसना, छत्तीसगढ़: होली का त्योहार रंगों, भक्ति और एकता का प्रतीक है, और इस बार हरि लक्ष्मी विप्र भवन में नव युवक ब्राह्मण समाज बसना के सान्निध्य में श्री परशुराम युवा वाहिनी ने इसे यादगार बना दिया। होली मिलन समारोह में सैकड़ों विप्र समाजजन एकत्र हुए, जहां भजन-कीर्तन, रंगों की मस्ती, नृत्य और सामाजिक संदेशों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन न केवल होली की खुशी मनाने का माध्यम बना, बल्कि ब्राह्मण समाज को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ।SEO मेटा टाइटल सुझाव: बसना होली मिलन 2026: हरि लक्ष्मी विप्र भवन | परशुराम युवा वाहिनी ब्राह्मण समाज
मेटा डिस्क्रिप्शन: बसना के हरि लक्ष्मी विप्र भवन में भव्य होली मिलन समारोह। भजन, नृत्य, सम्मान और महिला दुर्गा वाहिनी की घोषणा—पूरी विस्तृत रिपोर्ट। #HoliMilanBusna #BrahminSamajकार्यक्रम का भव्य शुभारंभ: पूजा-अर्चना से भक्तिमय वातावरणसुबह से ही हरि लक्ष्मी विप्र भवन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम और श्री राधा-कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना से हुआ। पूजा के बाद श्री फकीर दास और सुरेंद्र पुरोहित की टीम ने भजन कार्यक्रम शुरू किया, जिसने पूरे स्थान को भक्तिमय माहौल से भर दिया।छत्तीसगढ़ी गायक राजन कर और नीरज दास ने अपनी मधुर आवाज में होली गीत और भजन प्रस्तुत किए। दर्शक इन स्वरों पर झूम उठे। श्री परशुराम युवा वाहिनी के युवा सदस्यों ने संगीतमय थाप पर जोरदार नृत्य किया, जो देखते ही बन था। विप्र माताओं-बहनों ने राधा-कृष्ण भजन गाते हुए रंगों में रंगकर होली की मस्ती दुगुनी कर दी। यह दृश्य ऐसा था मानो स्वयं राधा-कृष्ण भवन में विराजमान हों।प्रमुख उद्बोधन: समाज को एकजुट रहने का संदेशकार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में ब्राह्मण समाज के प्रांतीय प्रवक्ता तरुण दास का उद्बोधन रहा। उन्होंने कहा, “समाज को एकजुट रहना चाहिए, सामाजिक सौहार्द और सहभागिता बनाए रखें। सजग रहें और आने वाले परशुराम जन्मोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें।” उनके शब्दों ने उपस्थितजनों में नई ऊर्जा भर दी।विप्र माताओं-बहनों ने भी अपने मधुर कंठ से राधा-कृष्ण भजन सुनाए, जो कार्यक्रम का हृदयस्पर्शी हिस्सा बने। इनकी भूमिका कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय रही।सम्मान समारोह और नई पहल: महिला दुर्गा वाहिनी की घोषणाब्राह्मण नवयुवक संघ के वरिष्ठजनों को विशेष सम्मान दिया गया:तरुण दास को अंगवस्त्र और माला।वृंदावन सतपथी, अयोध्या प्रसाद मिश्रा, मुकेश जोशी को परशुराम वाहिनी सदस्यों ने सम्मानित किया।समाज को और सशक्त बनाने के लिए महिला दुर्गा वाहिनी गठन की चर्चा हुई, जो महिलाओं को सक्रिय भूमिका देने का बड़ा कदम है। यह पहल ब्राह्मण समाज बसना को नई दिशा देगी।प्रमुख उपस्थितजन और उनका योगदानकार्यक्रम में विप्र समाज के प्रमुख सदस्य शामिल हुए:वृंदावन सतपथी, तरुण दास, अयोध्या प्रसाद मिश्रा, दुर्गा प्रसाद मिश्रारमेश कर, किशोर चांद, राधाकांत कर, आनंद कुमार दास, आनंद बिलास दासहेमंत कुमार दास, अंतर्यामी पाढ़ी, बलदेव मिश्रा, संकर्षण मिश्रारासबिहारी कर, विनोद बिहारी कर, विपीन बिहारी देवता, छबिमन्यु सढ़ंंगीउपेंद्र देवता, नरेंद्र देवता, बद्री प्रसाद पुरोहित, प्रभाकर मिश्राललित मिश्रा, बैजनाथ पुरोहित, आदिकांत महापात्र, मंगलप्रसाद देवतासुभाषचंद्र देवता, मदन दास, नरेश मिश्रा, भगवान दास आदि।बड़ी संख्या में महिलाओं ने मार्गदर्शन दिया।परशुराम वाहिनी के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार शर्मा, सचिव सुजीत दास और टीम (हेमसागर दास, रूपेश मिश्रा, महेश पति, हेमसागर देवता, विनय सतपथी, राजन कर, सौरभ कर, सुज्ञान कर, चंदन मिश्रा, निलय कर, दीपक शर्मा) ने सभी का आभार व्यक्त किया।समापन: भजन, संगीत और स्वल्पाहार के साथ धूमधाममंच संचालन विवेक दास ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि ब्राह्मण समाज के सह-सचिव बसंत देवता ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की। भजन, गीत, संगीत और अंत में स्वल्पाहार के साथ समापन हुआ। यह बसना ब्राह्मण समाज का यादगार होली मिलन था।इसे शेयर करें: [परशुराम जन्मोत्सव 2026 अपडेट्स के लिए लिंक] | [ब्राह्मण समाज बसना फेसबुक ग्रुप]FAQ: बसना होली मिलन समारोह के बारे मेंप्रश्न 1: हरि लक्ष्मी विप्र भवन में होली मिलन कब हुआ?
उत्तर: 5 मार्च 2026 को।प्रश्न 2: परशुराम युवा वाहिनी की मुख्य गतिविधियां क्या थीं?
उत्तर: भजन, नृत्य और सम्मान समारोह।प्रश्न 3: महिला दुर्गा वाहिनी क्या है?
उत्तर: समाज सशक्तिकरण के लिए नई महिला इकाई।क्या आप इसमें फोटो गैलरी या वीडियो लिंक जोड़ना चाहते हैं, या किसी हिस्से को और विस्तार दें?