टेंगनाबासा में छत्तीसगढ़ कलार समाज परिक्षेत्र छुरा का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न, विवाह-सगाई को लेकर कड़े नियम पारित

TEKRAM KOSLE

March 2, 2026

 

 

रिपोर्टर टेकराम कोसले

छुरा-गरियाबंद। छत्तीसगढ़ कलार समाज परिक्षेत्र छुरा का वार्षिक अधिवेशन रविवार को टेंगनाबासा में संपन्न हुआ। अधिवेशन में सामाजिक एकता, अनुशासन और परंपराओं के संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय पारित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के इष्टदेव भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुनदेव की पूजा-अर्चना से हुई, जिसके बाद अतिथियों एवं सामाजिक बंधुओं का स्वागत किया गया।
एकता और अनुशासन पर जोर
अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में कलार समाज के जिलाध्यक्ष अवधराम सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक विकास के लिए आपसी समन्वय, अनुशासन और मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
मेधावी विद्यार्थियों और ग्राम प्रमुखों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान छुरा परिक्षेत्र के ग्राम प्रमुखों का सम्मान किया गया। साथ ही 10वीं एवं 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समाज की ओर से सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
आय-व्यय का ब्यौरा और आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत
अधिवेशन में पदाधिकारियों द्वारा वर्षभर के आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही आगामी कार्ययोजनाओं, सामाजिक गतिविधियों और प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गरियाबंद जिला के लिए पारित प्रमुख नियम
बैठक में पूर्व में बनाए गए जिला स्तरीय नियमों को पुनः प्रस्तुत कर सर्वसम्मति से पालन करने का निर्णय लिया गया। प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
1. सगाई एवं विवाह संबंधी नियम
सगाई में वरमाला पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
सगाई के बाद एवं विवाह पूर्व वर-वधु द्वारा किसी प्रकार का प्री-वेडिंग शूट (छायाचित्र) नहीं कराया जाएगा।
सगाई एवं विवाह समारोह में केक काटने पर प्रतिबंध रहेगा।
सगाई एवं विवाह की सूचना ग्राम प्रमुखों को अनिवार्य रूप से देना होगा।
2. छठी कार्यक्रम संबंधी नियम
सामान्य प्रसव की स्थिति में शिशु जन्म के 6 दिवस के भीतर छठी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) से प्रसव होने की स्थिति में 2 माह के भीतर छठी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
समाज द्वारा अन्य अनुशासनात्मक नियम भी बनाए गए, जिनका पालन सभी सामाजिक बंधुओं से अपेक्षित है।
पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर असमंजस
अधिवेशन में छुरा परिक्षेत्र के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। कई सदस्यों ने सर्वसम्मति से चयन का सुझाव दिया, जबकि कुछ ने चुनाव प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष शिवलाल सिन्हा एवं मानसिंह सिन्हा ने दावेदारी प्रस्तुत की। शिवलाल सिन्हा ने समाज से एक और अवसर देने का आग्रह किया, वहीं मानसिंह सिन्हा ने भी समाज को नई दिशा देने के लिए समर्थन मांगा। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय शेष है, जिससे समाज में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
अधिवेशन में जिलाध्यक्ष अवधराम सिन्हा, संरक्षक दिनुराम सिन्हा, डायमंड सिन्हा, खोमन सिन्हा, शिवलाल सिन्हा, हरिराम सिन्हा, गोसाईं राम सिन्हा, हेमंत सिन्हा, मानसिंह सिन्हा, कुलेश्वर सिन्हा, गुलशन सिन्हा, उत्तम सिन्हा, नारायण सिन्हा, मोहेन्द्र सिन्हा, मिथलेश सिन्हा, रमेश सिन्हा सहित मातृशक्ति से नरबदिया बाई सिन्हा, कुन्ती सिन्हा, टिकेश्वरी सिन्ह्हा, परनिया सिन्हा और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

सह संपादक

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