जांजगीर–चांपा। जिले के पहरिया धान खरीदी केंद्र में धान तौल प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कैमरे पर की गई तौल में नियमों के विपरीत प्रति बोरा 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक अतिरिक्त कटौती किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि यह एक-दो मामलों तक सीमित न होकर नियमित और सुनियोजित तरीके से की जा रही प्रक्रिया है।
जानकारी के अनुसार नियमानुसार प्रति बोरा 40 किलोग्राम धान के साथ बोरे का निर्धारित वजन शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर की गई 7–8 बोरों की तौल में कोई भी बोरा मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। किसानों का कहना है कि यह तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि व्यवस्थित कटौती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। नियमानुसार प्रति क्विंटल ₹2.40 सुरक्षा राशि का प्रावधान है, इसके बावजूद केंद्र पर न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद पाए गए और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम दिखे। पूछताछ के दौरान धान खरीदी प्रभारी संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आए।
इसके अलावा चट्टा (धान रखने की व्यवस्था) को लेकर भी नियमों की अनदेखी का आरोप है। जहां दो लेयर में चट्टा अनिवार्य है, वहां केवल एक लेयर में धान रखा गया, जिससे बारिश या अन्य कारणों से नुकसान की आशंका बनी रहती है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि धान पलटना, बोरा सिलाई और तौल जैसे कार्य स्वयं किसानों से कराए जा रहे हैं। एक किसान ने बताया कि मजदूर साथ लाने और उनकी मजदूरी स्वयं देने के बाद ही तौल संभव हो पाई।
सबसे अहम सवाल निरीक्षण को लेकर उठाया जा रहा है। धान खरीदी प्रभारी का दावा है कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा केंद्र का निरीक्षण किया गया था, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की गड़बड़ी नजर नहीं आई। ऐसे में यह प्रश्न उठ रहा है कि निरीक्षण वास्तविक था या केवल औपचारिकता।
जब प्रभारी जयप्रकाश सिंह से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने “सूखती” के नाम पर 500 से 700 ग्राम कटौती की बात कही और अन्य सवालों पर स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्थिति किसानों के हितों के साथ गंभीर अन्याय मानी जाएगी और पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल खड़े होंगे।