
बलौदाबाजार । 24 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर बलौदाबाजार जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता और मिशन भावना के साथ कार्य कर रहा है। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय टीम द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पूर्व लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सतत और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त भविष्य प्रदान करना है।
इसी कड़ी में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम द्वारा जनवरी माह में जिले के पलारी, सिमगा, भाटापारा, कसडोल एवं बलौदाबाजार विकासखंडों में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों—मंदिर, मस्जिद, चर्च एवं गुरुद्वारों—में जाकर बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी प्रतिबंधों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान समाज के प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं एवं स्थानीय जनसमुदाय से संवाद कर बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उपस्थितजनों को बाल विवाह न कराने तथा इसकी सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचाने की शपथ दिलाई गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने और भावी पीढ़ी को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक ठोस कदम है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह की किसी भी आशंका की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन का विश्वास है कि जनसहभागिता और निरंतर जागरूकता के माध्यम से बलौदाबाजार जिला तय समय-सीमा से पूर्व बाल विवाह मुक्त जिला बनने की दिशा में सफलता प्राप्त करेगा।