‘Kaun Banega Crorepati 17’ का 15 अगस्त का खास एपिसोड! तीन बहादुर महिला अफसरों ने जीते 25 लाख,

MOTI LAL

August 16, 2025

‘Kaun Banega Crorepati 17’ का 15 अगस्त का खास एपिसोड! तीन बहादुर महिला अफसरों ने जीते 25 लाख,

देशभक्ति से सराबोर 15 अगस्त के मौके पर टीवी का पॉपुलर शो Kaun Banega Crorepati 17 पूरी तरह देश के नाम रहा। इस ऐतिहासिक एपिसोड में हॉट सीट पर बैठीं भारतीय सेना की तीन बहादुर महिला अफसर – कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कमांडर प्रेरणा देवस्थली। इन तीनों अधिकारियों ने अपने ज्ञान और साहस से मिलकर कुल 25 लाख रुपये जीते। लेकिन जब उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग कैसे करेंगी, तो उनकी दरियादिली ने एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया।

जीती हुई रकम का किया दान का ऐलान

अमिताभ बच्चन के सवाल पर तीनों अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि वे अपनी जीती हुई रकम को दान करेंगी। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि यह राशि इंडियन आर्मी सेंट्रल वेलफेयर को दी जाएगी, जो भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों की भलाई के लिए काम करता है। वहीं, विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऐलान किया कि उनकी राशि एयर फोर्स फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के अंतर्गत चलने वाले ‘उम्मीद’ स्कूल को जाएगी, जहां विशेष रूप से सक्षम बच्चों की पढ़ाई और देखभाल की जाती है।

नौसेना परिवार के लिए प्रेरणा देवस्थली का योगदान

भारतीय नौसेना की कमांडर प्रेरणा देवस्थली ने भी अपने नेक इरादों से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने घोषणा की कि उनकी राशि इंडियन नेवी वेलफेयर एंड वेलनेस को दी जाएगी, जो पूरे नौसैनिक परिवार के लिए सहयोग और कल्याणकारी योजनाएं चलाता है। इस तरह, तीनों महिला अधिकारियों ने यह साबित कर दिया कि वे न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करती हैं बल्कि अपने सैनिक परिवारों की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाती हैं।

परिवारों की मौजूदगी से बढ़ा हौसला

इस खास मौके पर तीनों अफसरों के परिवारजन भी स्टूडियो में मौजूद थे, जिन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। सोफिया कुरैशी के भाई नूर मोहम्मद कुरैशी और बहन शायना कुरैशी वहां मौजूद रहे। विंग कमांडर व्योमिका सिंह की बेटी सुनिश्का सबरवाल, बहन निर्मिका सिंह और मां करुणा सिंह ने उन्हें सपोर्ट किया। वहीं, प्रेरणा देवस्थली की बेटी बहुत छोटी होने की वजह से शो में नहीं आ सकीं, और उनके पति व भाई भी सेना में होने के कारण शामिल नहीं हो पाए। इसके बावजूद प्रेरणा का जज्बा ग़ज़ब का रहा।

दर्शकों के लिए बनी प्रेरणा

इस एपिसोड ने दर्शकों को न सिर्फ मनोरंजन दिया बल्कि उन्हें यह सीख भी दी कि सच्चा नायक वही है जो अपने व्यक्तिगत लाभ से ज्यादा समाज और देश की भलाई के बारे में सोचता है। तीनों महिला अफसरों ने यह संदेश दिया कि देश सेवा केवल सीमा पर लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर कदम पर अपने सैनिक परिवारों का साथ देने में भी है। केबीसी 17 का यह स्वतंत्रता दिवस वाला एपिसोड दर्शकों के दिलों पर हमेशा के लिए छाप छोड़ गया।

प्रधान संपादक

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