सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के 17 गांव धरती आबा के लिए प्रारंभिक चयन ,, धरती आबा अभ्यान

MOTI LAL

May 19, 2025

                  MASB NEWS
       ब्यूरो चीफ सारंगढ़ – बिलाईगढ़
                 गोपेश्वर साहू

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के 17 गांव धरती आबा के लिए प्रारंभिक चयन ,, धरती आबा अभ्यान

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – जिला कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने जानकारी दी है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) के अंतर्गत धरती आबा अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर 15 जून से 30 जून 2025 तक चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य देश भर के आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और व्यक्तिगत लाभों की पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करना है जिन गांवों में 50 फीसदी या 500 से ऊपर आदिवासी आबादी है वो धरती आबा के लिए चयन किए गए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ऐसे 17 गांवों का प्रारंभिक चयन सूची अनुसार

‘गैप आइडेंटिफिकेशन’ का कार्य कराया गया है। डॉ. संजय कन्नौजे ने जानकारी दी है कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है।

 

शिविरों में मिलेंगे ये लाभ :-

 

 

कलेक्टर ने बताया कि संतृप्ति मोड़ में हर विभाग द्वारा पात्रता अनुसार सर्वे कराया गया है तथा 15 जून से 30 जून तक चलने वाले शिविर में शासन के निर्देश पर वयोवृद्ध कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री उज्जवला गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री जनधन खाता, जीवन बीमा, वृद्धावस्था / विधवा / दिव्यांग पेंशन, मनरेगा, मुद्रा लोन, पी.एम. विश्वकर्मा योजना, मातृ एवं शिशु कल्याण हेतु टीकाकरण, आंगनबाडी लाभ आदि सेवाएं दी जायेंगी।

विभागीय समन्वय और डिजिटल सेवाएं :-

जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में स्वास्थ्य, खाद्य, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, कृषि, राजस्व, पंचायत और अन्य विभागों का समन्वय किया गया है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से आधार, ई-केवायसी और दस्तावेजीकरण की सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

जन सहभागिता और निगरानी व्यवस्था :-

विभाग के समन्वय एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय स्वयं सेवकों की मदद से लाभार्थियों की पहचान और जागरूकता फेलाई जा रही है। घर-घर संतृप्ति कार्ड तथा व्यापक प्रचार प्रसार कराया जा रहा है सभी शिविरों की निगरानी के लिए एक विशेष रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित की गई है जिससे लाभार्थियों की वास्तविक समय में जानकारी एकत्र की जायेगी। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपिल की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। यह अभियान भारत को सशक्त और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधान संपादक

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