महासमुंद मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि: प्रसव के बाद महिला के पेट से निकाली 6 किलो की विशाल गांठ, जटिल सर्जरी कर बचाई जान

SARJU PRASAAD SAHU

October 20, 2026

प्रसव के बाद महिला के पेट से निकाली 6 किलो की विशाल गांठ, जटिल सर्जरी कर बचाई जान

महासमुंद। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय महासमुंद के स्त्रीरोग एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर एक प्रसूता की जान बचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। सामान्य प्रसव के दूसरे दिन महिला की तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने तत्काल जांच और उपचार शुरू किया। जांच के बाद ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट से लगभग 30×30 सेंटीमीटर आकार और 6 किलोग्राम वजन की विशाल ओवेरियन सिस्ट (अंडाशय की गांठ) निकाली गई।

सामान्य प्रसव के दूसरे दिन बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, महिला का अस्पताल में सामान्य प्रसव हुआ था। प्रसव के ठीक दूसरे दिन उसके पेट में अत्यधिक सूजन, तेज दर्द और खून की गंभीर कमी की समस्या सामने आई। महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए तत्काल अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) कराई गई। जांच में पेट के भीतर काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्त्रीरोग विशेषज्ञों ने बिना समय गंवाए एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी यानी पेट की जांच के लिए सर्जरी करने का निर्णय लिया।

ऑपरेशन में सामने आई 6 किलो की विशाल गांठ

सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को पेट के भीतर लगभग 30×30 सेंटीमीटर आकार की विशाल ओवेरियन सिस्ट मिली, जिसका वजन करीब 6 किलोग्राम था। चिकित्सकीय टीम ने पूरी सावधानी और दक्षता के साथ जटिल ऑपरेशन करते हुए गांठ को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। इस समय पर लिए गए चिकित्सकीय निर्णय और टीम के समन्वित प्रयासों से महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

चिकित्सकों की टीम ने दिखाई दक्षता

इस जटिल सर्जरी में स्त्रीरोग एवं प्रसूति रोग विभाग से डॉ. नेहा ठाकुर, डॉ. प्रतिमा कोशेवारा और डॉ. गरिमा सोलंकी शामिल रहीं। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अमितेश एवं डॉ. अजय ने अपनी सेवाएं दीं। नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की ओर से सिस्टर पूजा, सिस्टर तृप्ति सहित अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।

प्रसव के बाद इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव के बाद पेट में असामान्य सूजन, तेज दर्द या किसी भी प्रकार की असहजता होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय पर चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महासमुंद मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि चिकित्सकों की दक्षता, तत्परता और टीमवर्क का उल्लेखनीय उदाहरण है।

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