पामगढ़ के कोसा मर्डर केस की गुत्थी सुलझी: प्रेम-प्रसंग के चलते युवक की हत्या, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार; नार्को और ब्रेन मैपिंग से खुला राज

BIRENDRA KUMAR SEN

September 10, 2026

पामगढ़ के कोसा मर्डर केस की गुत्थी सुलझी: प्रेम-प्रसंग के चलते युवक की हत्या, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार; नार्को और ब्रेन मैपिंग से खुला राज

पामगढ़/मुलमुला: पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसा में करीब दो माह पूर्व हुई अमित भंडारी की अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। अंतर्जातीय प्रेम प्रसंग के चलते हुई इस खौफनाक वारदात में पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसकी बहन और बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया है। सामाजिक दबाव और मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का सहारा लेकर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया।

​पुलिस के अनुसार, मृतक अमित भंडारी का गांव की ही विवाहिता संतोषी सिंह क्षत्रिय से शादी से पहले से प्रेम प्रसंग था। शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना हुआ था। 27 जून की रात अमित बाहर से गांव आया था और देर रात करीब 2:30 बजे वह संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।

​इसी दौरान संतोषी का छोटा भाई बजरंग सिंह काम से लौटा और दोनों को साथ देखकर आक्रोशित हो गया। विवाद के दौरान बजरंग ने अमित पर छोटे फावड़े (रापा) से सिर और छाती पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

​वारदात के बाद आरोपी बजरंग ने अपनी बहन संतोषी की मदद से शव को घर के पीछे झाड़ियों में छुपा दिया। 28 जून को जब बड़ा भाई पप्पू सिंह लौटा, तो पूरे मामले की योजना बनाई गई। पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए आरोपी खुद परिजनों के साथ अमित की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचे। इसके बाद 28 जून की आधी रात आरोपियों ने लोहे की सीढ़ी की मदद से शव को गांव के अमहदा तालाब के पास एक निर्जन बाड़ी में फेंक दिया, जिसे 29 जून की सुबह बरामद किया गया था।

​मामले की जांच के लिए जिला पुलिस कप्तान द्वारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर जांच की:

  • तकनीकी साक्ष्य: 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप, सीडीआर (CDR), आईपीडीआर (IPDR), जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया।
  • वैज्ञानिक परीक्षण: संदेहियों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर एलवीए (LVA), पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों का सहारा लिया गया।
  • स्निफर डॉग की भूमिका: बिलासपुर से बुलाई गई 7 वर्षीय अनुभवी ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने घटनास्थल पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।
  • बरामदगी: आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा और शव ले जाने में इस्तेमाल लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद कर ली गई है।

​पुलिस ने मामले में बजरंग सिंह क्षत्रिय, संतोषी सिंह क्षत्रिय और पप्पू सिंह क्षत्रिय को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बजरंग सिंह को विस्तृत फॉरेंसिक व तकनीकी परीक्षण के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

​गौरतलब है कि मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की कथित उदासीनता और निष्क्रियता को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा जा रहा था, जिसके बाद सामाजिक हस्तक्षेप और पुलिस की तकनीकी पड़ताल के बाद यह खुलासा संभव हो सका।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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