छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति ने महासमुंद जिला न्यायालय का किया औचक निरीक्षण, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

SARJU PRASAD SAHU

July 16, 2026

महासमुंद। 11 जुलाई 2026 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  रमेश सिन्हा ने आज जिला एवं सत्र न्यायालय महासमुंद का औपचारिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालय परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

न्यायालय परिसर का अवलोकन

मुख्य न्यायाधिपति ने न्यायालय परिसर स्थित न्यायालय कक्ष, मालखाना, रिकॉर्ड रूम, नजारत, ग्रंथालय, अधिवक्ता कक्ष और डिजिटलीकरण केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। न्यायालय कक्षों और विभिन्न अनुभागों के कार्यों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। साथ ही, परिसर की साफ-सफाई और गार्डन के रख-रखाव की व्यवस्थाओं की उन्होंने सराहना की।

लंबित प्रकरणों पर विशेष जोर

न्यायालयीन अवलोकन के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने उपस्थित न्यायाधीशों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उन मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जो 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं, साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। मुख्य न्यायाधिपति ने आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा

मुख्य न्यायाधिपति ने आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) के प्रकरणों की संख्या की जानकारी प्राप्त की और समझौता योग्य मामलों में पक्षकारों की सहमति से त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने अधिवक्ता संघ की समस्याओं की जानकारी ली और न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

एडीआर भवन और कुटुंब न्यायालय का निरीक्षण

न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (एडीआर) भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मध्यस्थता कक्ष, आपराधिक प्रकरणों की पैरवी हेतु स्थापित एलएडीसीएस कक्ष, पैरालीगल वॉलिंटियर प्रशिक्षण कक्ष और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त, मुख्य न्यायाधिपति ने कुटुंब न्यायालय महासमुंद का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल  रजनीश श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महासमुंद श्रीमती अनिता डहरिया प्रधान, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश  प्रफुल्ल कुमार सोनवानी एवं अन्य न्यायाधीशगण, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक  प्रभात कुमार सहित महासमुंद के अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment