10वीं-12वीं परीक्षा परिणाम सुधारने वाले अधिकारी विजय लहरें के निलंबन निरस्त करने की मांग, अजाक्स ने सौंपा ज्ञापन

SARJU PRASAD SAHU

April 30, 2026

महासमुंद। अनुसूचित जाति जनजाति शासकीय सेवक संघ (अजाक्स) ने तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरें के निलंबन को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं राज्य अनुसूचित जाति आयोग के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निलंबन आदेश निरस्त करने की मांग की है।ज्ञापन में अजाक्स ने आरोप लगाया कि विवादित प्रश्नपत्र मामले में वास्तविक जिम्मेदारों को बचाकर एक अनुसूचित जाति के अधिकारी को एकतरफा कार्रवाई का शिकार बनाया गया है। संघ के अनुसार वर्ष 2025 की अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय का विवादित प्रश्नपत्र रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भेजी गई पांडुलिपि पर आधारित था, जिसके आधार पर कई जिलों में परीक्षा आयोजित हुई।

संघ ने बताया कि इस मामले में प्रश्नपत्र निर्माण करने वाली शिक्षिका को निलंबित किया गया, एक संविदा शिक्षिका की सेवा समाप्त की गई तथा तिल्दा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को केवल चेतावनी दी गई। इसके बावजूद महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरें के खिलाफ पहले तबादला और बाद में निलंबन की कार्रवाई की गई, जिसे संघ ने पक्षपातपूर्ण बताया।

अजाक्स ने यह भी उल्लेख किया कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने लहरें के पद से हटाने के आदेश पर स्थगन दिया था। इसके बावजूद बाद में उसी प्रकरण को आधार बनाकर निलंबन कर दिया गया।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि विवादित प्रश्नपत्र के लिए लहरें जिम्मेदार हैं, तो उन सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जहां उसी प्रश्नपत्र से परीक्षा आयोजित हुई।

संघ ने यह भी बताया कि लहरें के कार्यकाल में जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हुआ, लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आई और शिक्षा विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। इसके बावजूद लगातार उनके खिलाफ कार्रवाई से अधिकारी-कर्मचारियों में आक्रोश और असंतोष है।

ज्ञापन सौंपने वालों में रेखराम बघेल, एसपी ध्रुव, अनिल ढीढी, तुलेंद्र कुमार सागर, बीपी मेश्राम, रविंद्र टंडन, एमएल ध्रुव, संतोष डहरिया, गणेश राम टंडन सहित बड़ी संख्या में संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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