लोकनाथ खुंटे – रायपुर संभाग ब्यूरो
महासमुंद, 26 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षा के अंतर्गत जिले में परीक्षा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत जिले के 254 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के 12,839 विद्यार्थी तथा 168 विद्यालयों के कक्षा 12वीं के 10,724 विद्यार्थी कुल 115 परीक्षा केंद्रों के माध्यम से परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने महासमुंद स्थित स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलसोंडा एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों में अनुशासन, शांति व्यवस्था, पर्यवेक्षकों की उपस्थिति, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता तथा सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
बिरकोनी स्थित परीक्षा केंद्र में कलेक्टर ने 70 प्रतिशत लो-विजन दिव्यांगता से पीड़ित परीक्षार्थी कु. आस्था पांडेय, जो सह-लेखक कु. केशरी निषाद के माध्यम से परीक्षा दे रही हैं, का अवलोकन किया। उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि जिले में बोर्ड परीक्षाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और लगन के साथ परीक्षा देने की शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर सर को ऐसे कार्य नहीं करना चाहिए बल्कि अपना अमूल्य कीमती समय को सड़क पानी बिजली राशन की आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था मे लगाना चाहिए निश्चित रूप से आज के विधार्थी ही कल के भविष्य हैं,
लेकिन जौसे जैसे परीक्षा नजदीक आता है
विद्यार्थियों का ध्यान भटक जाता जनवरी शुरू होते हि 26 जनवरी देश का पर्व मनाने की तैयारी मे पूरा छबिस् दिन लगा देते है, फिर बच्चों की विदाई की तैयारी करने मे लग जाते है इन सभी कारणों से निश्चित ही बच्चों का ध्यान भंग होता है, इसलिए मेरा अपना मत है इन सभी बे फजूल के के कार्य क्रमों को विशेष महत्ता नही देकर शिक्षा मे ध्यान देना चाहिए।।।
छबिस् जनवरी केवल नेताओं का भाषण बाजी है उससे ज्यादा कुछ नही क्योंकि गणतंत्र दिवस मे तो अब इतने संसोधन कर दिये के की विशेष जरूरत नही रह जाती,, uper aab संविधान दिवस भी मनाने लगे केवल राजनीतिक भाषण बाजी के जनता को गुमराह करने की मनसा से ज्यादा कुछ नहीं।।
शिक्षा को महत्व दे बस यही मेरा तात्पर्य है।।।
लेकिन नेताओं का समूह मुझे गलत न समझे
ये आशंका भी है