वनांचल क्षेत्र के ग्राम छाता (देवरूम) में परम पिता परमेश्वर की असीम कृपा से पूज्या देवी राधिका किशोरी के श्रीमुख से संगीतमय राम कथा का दिव्य आयोजन हो रहा है। कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जहाँ भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला।
किशोरी जी ने अपने प्रवचन में स्पष्ट किया कि भगवान श्रीराम की प्राप्ति केवल कठोर तप से नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम, समर्पण और भजन-भाव से संभव है। उन्होंने कहा कि जब साधक का हृदय प्रेम से परिपूर्ण होता है, तब प्रभु स्वयं उसके जीवन में अवतरित होते हैं। उनकी कथा शैली भावपूर्ण, संगीत-मय और श्रोताओं को आरंभ से अंत तक बाँधे रखने वाली रही।
इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान श्री बाबूलाल चौधरी एवं श्रीमती सुनीति चौधरी (निवासी छाता) हैं। कथा श्रवण हेतु छाता, मनदीप, नगरदा, कुशाभाठा, खैरा, बरपानी, नगेड़ा, गनियारी, निठोरा, थरगांव, सुखरी, चांदन, गोलाझर, कुरमाझर, कोहा, बिलारी सहित दूरस्थ ग्रामों—पाठर्सेंद्री, पचपेड़ी, भंवरपुर, साकरा, केजुआ—से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचे।
विशेष रूप से राम कुमार नायक (केजुआ) एवं परिवार, गोपाल महाराज (ठेलकोदादर) एवं परिवार, परशुराम नायक (देवरूम) एवं परिवार तथा युधिष्ठिर नायक, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोनाखान एवं उनका परिवार उपस्थित रहे।
युधिष्ठिर नायक जी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूज्या देवी राधिका किशोरी जी की कथा पूर्णतः संगीतमय एवं भाव-विभोर करने वाली होती है। उनकी वाणी में ऐसा आकर्षण है कि कथा प्रेमियों का मन प्रारंभ से समापन तक एकाग्र बना रहता है और सभी श्रद्धालु उनके श्रीमुख से प्रस्फुटित प्रत्येक शब्द में दिव्य अनुभूति करते हैं।
यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम बन रहा है, जहाँ प्रभु राम और माता जानकी की लीला का रसपान कर श्रद्धालु आत्मिक शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।