
कसडोल | बलौदाबाजार-भाटापारा, 27 जनवरी 2026।ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाने की सूचना प्रशासन को दी गई है। इस संबंध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कसडोल को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं बनाने, मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने तथा मनरेगा मेट्स और रोजगार सहायकों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का अधिकार प्राप्त था। आरोप लगाया गया कि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे परिवर्तनों से ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता कमजोर हो रही है, ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है और मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों के तहत यह निर्णय दिल्ली से रिमोट कंट्रोल व्यवस्था के माध्यम से किए जाने की आशंका है, जिससे पंचायतें केवल आदेश पालन की एजेंसी बनकर रह जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा, बल्कि मनरेगा मेट्स एवं रोजगार सहायकों की भूमिका भी समाप्त होने की स्थिति बन सकती है।
ज्ञापन में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी पत्र का भी उल्लेख किया गया, जिसमें मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध करते हुए इसे ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बताया गया है। पत्र में कहा गया है कि मनरेगा ने अब तक करोड़ों कार्य-दिवसों का सृजन किया है और संकट के समय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल दिया है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल ने मांग की है कि मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को तत्काल वापस लिया जाए, पंचायतों के अधिकार बहाल किए जाएं और मजदूरों के काम, मजदूरी और जवाबदेही के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन के अनुसार यह धरना-प्रदर्शन 30 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से गायत्री चौक, कसडोल में प्रस्तावित है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर ग्रामीण रोजगार और पंचायत अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करें।