रायपुर, 6 दिसम्बर 2025/ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को रायपुर पुलिस ने देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। बघेल सोशल मीडिया पर पहले ही यह घोषणा कर चुके थे कि वे थाने में आत्मसमर्पण करेंगे, परंतु थाने पहुंचने से लगभग 10 मिनट पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बघेल पिछले 26 दिनों से बाहर थे और उन पर देश के 12 राज्यों में आपत्तिजनक टिप्पणियों व हेट स्पीच संबंधी मामले दर्ज हैं। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी दर्ज की गई। सुरक्षा की दृष्टि से थाने परिसर व कोर्ट परिसर में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर को की थी कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बघेल को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा था कि “अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें”। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार किया था।
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किस मामले में हो रही कार्रवाई?
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस और विवाद शुरू हुआ। इस दौरान कई समूहों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। आरोप है कि ऐसे ही एक विवादित बयान के कारण अग्रवाल समाज व सिंधी समाज ने कई राज्यों में अमित बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
बघेल का आरोप है कि जब छत्तीसगढ़िया समाज को अपमानित किया गया, तब किसी अन्य समाज या राजनीतिक दल ने आवाज नहीं उठाई। वहीं विपक्ष और सत्ता दोनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए थे। हालांकि पुलिस का पक्ष है कि सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार आगे की प्रक्रिया
देवेंद्र नगर थाना पुलिस सूत्रों के अनुसार, बघेल को विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों के तहत क्रमशः संबंधित राज्यों में भेजा जा सकता है।
उनके फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और बयानबाजी संबंधी साक्ष्यों की तकनीकी जांच की तैयारी की जा रही है।
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मां के निधन के बाद बघेल कर सकते हैं जमानत आवेदन
गिरफ्तारी से पहले शुक्रवार सुबह बघेल की मां का निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर रायपुर जिले के पथरी गांव ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बघेल अपने अधिवक्ता के माध्यम से मानवीय आधार पर अस्थायी जमानत (Interim bail) की अर्जी दाखिल कर सकते हैं ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।