बलौदाबाजार, 25 नवम्बर 2025।
कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को सीएसपीडीसीएल अधिकारियों और अधिकृत वेंडरों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जिला-स्तरीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर ने डिवीजन और सब-डिवीजन स्तर पर स्थापना लक्ष्य के अनुरूप धीमी प्रगति पर गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि योजना शासन की शीर्ष प्राथमिकता में है, अतः निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य है।
कमजोर प्रगति पर सख्त निर्देश — कलर कोड सिस्टम लागू होगा
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि वेंडरों की कार्य-कुशलता का आकलन करने कलर कोड सिस्टम लागू किया जाए—
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हरा रंग: उत्कृष्ट कार्य
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पीला रंग: संतोषजनक
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लाल रंग: औसत या कमजोर प्रदर्शन
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले वेंडरों को प्रोत्साहन दिया जाए तथा हितग्राहियों को भी बताया जाए जिससे वे विश्वसनीय वेंडर का चयन कर सकें।
सीएसपीडीसीएल अधिकारियों को वेंडरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हर सप्ताह वेंडर-बैंकर मीटिंग अनिवार्य
आवेदनों की त्वरित स्वीकृति और ऋण प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु कलेक्टर ने साप्ताहिक डिवीजनवार वेंडर-बैंकर मीटिंग अनिवार्य की, जिसकी व्यवस्था निम्नानुसार तय की गई—
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मंगलवार — भाटापारा डिवीजन
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बुधवार — बलौदाबाजार डिवीजन
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गुरुवार — कसडोल डिवीजन
उन्होंने कहा कि बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के कारण हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिल रहा है, अतः वेंडर-बैंकर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण है।
जिले का प्रदर्शन — प्राप्त आवेदन और स्थापना की वास्तविक स्थिति
कलेक्टर को अवगत कराया गया कि वर्ष 2025–26 हेतु जिले को आवंटित लक्ष्य को डिवीजनवार विभाजित किया गया है। स्थिति इस प्रकार है—
भाटापारा डिवीजन
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लक्ष्य: 5160
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प्राप्त आवेदन: 2535
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स्थापित पैनल: 331
बलौदाबाजार डिवीजन
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लक्ष्य: 4500
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प्राप्त आवेदन: 4113
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स्थापित पैनल: 100
कसडोल डिवीजन
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लक्ष्य: 2380
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प्राप्त आवेदन: 1780
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स्थापित पैनल: 150
कलेक्टर ने इन आंकड़ों को “अत्यंत धीमी प्रगति” बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और वेंडरों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
योजना की सफलता में सभी की सामूहिक भूमिका
कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से लोगों को मुफ्त बिजली, ऊर्जा-आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत जैसे बड़े लाभ मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि —
“योजना को सफल बनाने प्रशासन, वेंडर, बैंक और हितग्राही — सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। जो भी बाधाएँ हैं, उन्हें तुरंत दूर कर लक्ष्य समय पर अवश्य पूरा किया जाए।”
